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डेंजर जोन में 41 गांव, बारिश और बांध ने 41 गांव के ग्रामीणों के लिए बजाई खतरे की घंटी

डेंजर जोन में 41 गांव, बारिश और बांध ने 41 गांव के ग्रामीणों के लिए बजाई खतरे की घंटी

बिलासपुर, 12 जून। बारिश के दिनों में उन गांव के ग्रामीणों को सबसे ज्यादा मुसीबत का सामना करना पड़ता है जो जलाशय के आसपास स्थित है। हर वर्ष मानसूनी बारिश के शुरुआत के साथ ही जल संसाधन विभाग द्वारा अलर्ट जारी किया जाता है। चेतावनी का मतलब भी साफ है। ऐसा कर विभाग जिम्मेदारी से अपनी तरफ से पूरी तरह मुक्त हो जाता है।

बारिश के दिनों में बांध में पानी छोड़ने के महीनो पहले विभाग द्वारा प्रभावित गांव के ग्रामीणों के नाम सूचना प्रसारित कर चल-अचल संपत्ति को हटाने की समझाइश देकर साफतौर पर जिम्मेदारी से बच निकलते हैं। इस बार भी कुछ इसी तरह की समझाइश दी जा रही है। अधीक्षण अभियंता हसदेव परियोजना मंडल कार्यालय से ग्रामीणों के नाम जारी सूचना में कहा गया है कि आगामी वर्षाकाल 2021 के दौरान आवश्यकता होने पर बांगों बांध माचाडोली एवं हसदेव बराज दर्री से नदी में पानी छोड़ा जाएगा।

ग्रामीणों से कहा है कि उक्त बांध से नीचे हसदेव नदी के किनारे,बाढ़ क्षेत्र में स्थापित चल-अचल संपत्ति सुरक्षित स्थानों पर ले जाए। बारिश के शुस्र्आत से पहले बाढ़ प्रभावित गांव के ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है और कहा जा रहा है कि वे अपनी सपंत्तियों की देखभाल खुद ही करें। हो सके तो बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से दूर किसी सुरक्षित जगह पर संपत्तियों को लेकर रख दें। नदियों में बाढ़ आने की स्थिति में नुकसान का अंदेशा कम रहेगा।

जल संसाधन विभाग द्वारा खनिज ठेकेदारों को भी अभी से ही अलर्ट किया जा रहा है। रेत उत्खनन करने के लिए ठेकेदारों ने नदियों में पोकलेन मशीन सहित परिवहन के लिए ट्रैक्टर व अन्य भारी वाहनों की कतार नदियों में ही लगी रहती है। बारिश के दिनों में नदियों का जल स्तर अचानक बढ़ता है। रात में तेज बारिश और जल स्तर बढ़ने से नदी के भीतर रखे वाहन सहित अन्य मशीन को नुकसान पहुंचता है।

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