breaking news New

कैबिनेट ने अहम निर्णय लेते हुए लक्ष्मी विलास बैंक के DBS बैंक में विलय को दी मंजूरी

कैबिनेट ने अहम निर्णय लेते हुए लक्ष्मी विलास बैंक के DBS बैंक में विलय को दी मंजूरी

नईदिल्ली।  केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी दी. रिजर्व बैंक ने लक्ष्मी विलास बैंक के DBS बैंक में विलय के आदेश दिए थे।  टेलीकॉम सेक्टर में ATC में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है. टाटा समूह की कंपनी एटीसी के 12 फीसदी शेयर एटीसी पैसिफिक एशिया ने लिये हैं.

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आज कैबिनेट और आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) की बैठक में कई अहम निर्णय लिये गये।  उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का जोर आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देने का है. इसके लिए पूंजी जुटाने के लिए अब डेट मार्केट का फायदा उठाया जाएगा।  

 बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इसके साथ ही ATC में एफडीआई को भी मंजूरी दी गयी. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने संकटग्रस्त लक्ष्मी विलास बैंक के डेवलपमेंट बैंक इंडिया लिमिटेड में विलय के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है. इसमें 6,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा.  इससे इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए बॉन्ड मार्केट के द्वारा 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रकम जुटायी जा सकेगी.

भारतीय रिजर्व बैंक ने 17 नवंबर को दक्षिण भारत केंद्रित लक्ष्मी विलास बैंक को एक महीने के मोरेटोरियम पर डाल दिया था. आरबीआई ने बैंक को आदेश दिया था कि अगले एक महीने तक बैंक से कोई भी ग्राहक 25 हजार रुपये से ज्यादा नहीं निकाल पाएगा. RBI के इस फैसले का असर बैंक के शेयरों पर दिख रहा है. आपात स्थिति में बैंक से 5 लाख रुपये निकाले जा सकते हैं.

लक्ष्मी विलास बैंक की वित्तीय हालत पिछले तीन साल से खराब थी. जून 2020 में बैंक का पूंजी पर्याप्तता अनुपात  0.17 फीसदी तक पहुंच गया था, जबकि इसे कम से कम 9 फीसदी होना चाहिए था. वित्त वर्ष 2020 तक बैंक का लोन बकाया 13,827 करोड़ रुपये और जमा 21,443 करोड़ रुपये था।