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अपहरण मामले में बारबरा जराबिका समेत चार लोगों के खिलाफ मेहुल चोकसी के परिवार ने यूके पुलिस में की शिकायत

अपहरण मामले में बारबरा जराबिका समेत चार लोगों के खिलाफ  मेहुल चोकसी के परिवार ने  यूके पुलिस में की शिकायत


नई दिल्ली।  मेहुल चोकसी की एंटीगुआ से गुमशुदगी और डोमेनिका से बरामदगी पर उठा कानूनी विवाद अब लन्दन पहुंच गया है. लन्दन में चोकसी के वकीलों ने जहां मेट्रोपोलिटन पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई है. वहीं मेहुल चोकसी की कथित गर्लफ्रेंड समेत चार लोगों के खिलाफ जांच की अपील की है.  


लंदन से मेहुल के वकील माइकल पोलॉक ने मीडिया से बातचीत में बताया कि मोट्रोपोलिटन पुलिस की अंतरराष्ट्रीय अपराध शाखा उनकी शिकायत की जांच कर रही है. पोलॉक ने कहा कि एक सोची-समझी योजना के तहत मेहुल को बलपूर्वक एंटीगुआ से हटाया गया, जहां उसके पास अपने खिलाफ किसी भी फैसले को प्रिवी कांउंसिल तक ले जाने का अधिकार है, जबकि डोमेनिका में चोकसी के पास यह अधिकार नहीं है. हालांकि. मेहुल के वकीलों ने इस बात के संकेत दे दिए हैं कि डोमेनिका की अदालत में फैसला पक्ष में न आने पर उनके पास कैरिबियाई कोर्ट ऑफ अपील समेत उच्च अदालत में जाने का विकल्प खुला है. 


मेहुल चोकसी के बचाव पक्ष वकीलों की टीम से जुड़े पोलॉक ने दावा किया कि बारबरा जोस और उनके साथ आए लोगों ने एयर बीएनबी एजेंट से एंटीगुआ में मई की शुरुआत में दो अपार्टमेंट किराए पर लिए. अपार्टमेंट 407-ई और 407-एफ में दोनों के बारे में बारबरा ने इस बात को लेकर तफ्तीश भी करी थी कि क्या वहां प्रायवेट जेट्टी है, ताकि उनका मित्र यदि अपनी नौका लेकर आना चाहे तो पार्क कर सके. पोलॉक ने चैट संदेश दिखाते हुए कहा कि एजेंट ने बारबरा को बताया कि अपार्टमेंट में नौका को पार्क करने के लिए डॉकिंग एरिया है. इसके बाद दो अपार्टमेंट किराए पर लिए गए. इनमें से एक की बुकिंग यूके के एक ट्रेवल एजेंट ने की.  


मेहुल के वकील का कहना था कि अप्रैल से लेकर मई के महीने में बारबरा का मूवमेंट यह बताता है कि वो इस योजना में शामिल थी, तभी मेहुल के लापता होने के बाद बारबरा चार्टेड विमान से एंटीगुआ से डोमेनिका गई. वहीं बाद में 28 मई को बारबरा उन दो लोगों के साथ विशेष विमान से डोमेनिका से बाहर चली गई. माइकल ने कहा कि नौका में बाहर ले जाते हुए मेहुल चौकसी को डराया-धमकाया गया, उसके साथ मारपीट की गई. यह पूरा घटनाक्रम न केवल उसके मानवाधिकारों का हनन है बल्कि कानून-व्यवस्था के खिलाफ भी है.