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लखनऊ में लल्लू गिरफ्तार,कहा योगी सरकार कर रही है लोकतंत्र की हत्या

लखनऊ में लल्लू गिरफ्तार,कहा योगी सरकार कर रही है लोकतंत्र की हत्या

लखनऊ।  कृषि कानूनो के विरोध में शुक्रवार को राजभवन का घेराव करने जा रहे उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और विधान परिषद सदस्य दीपक सिंह समेत कई कांग्रेसियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

श्री लल्लू को उनके आवास के पास हिरासत में लिया गया जब वह कृषि कानून के विरोध में पार्टी के देशव्यापी राजभवन घेराे कार्यक्रम के तहत राजभवन का घेराव करने जा रहे थे। सभी नेताओ और पदाधिकारियों को इको गार्डन ले जाया गया।

श्री लल्लू ने कहा कि मौजूदा योगी सरकार निरंकुशता की सारी हदें पार कर चुकी है। लोकतंत्र को तार-तार करने में लगी है। किसानों की मांगों को मानने के बजाय उनके हक में आवाज उठा रहे कांग्रेसजनों को गिरफ्तार करके उनके संवैधानिक अधिकारों को कुचलने का काम कर रही है। आज न सिर्फ लोकतंत्र को कुचला जा रहा है बल्कि संवैधानिक प्रक्रियाओं केा बाधित करने का काम भाजपा सरकार कर रही है। आज एक चुनी हुई लोकतांत्रिक सरकार के समक्ष 50 दिनों से धरना दे रहे किसानों की आवाज को दरकिनार करके अपने चहेते पूंजीपतियों को खुश करने का काम मोदी सरकार कर रही है। तीनों काले कृषि कानून न सिर्फ किसान विरोधी हैं बल्कि किसानों और कृषि को खत्म करने के लिए है। यह कानून किसानों का जो कुछ भी है उसे अपने पूंजीपति चंद मित्रों को दिलवाने के हक में हैं।

उन्होने कहा कि एक तरफ भारतीय जनता पार्टी देश भर में बड़ी-बड़ी रैलियां और सभाएं आयोजित कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर महोत्सव का आयोजन कर रहे हैं लेकिन खेती, किसानी और अन्नदाता के हक में जब कांग्रेस आवाज बुलन्द करती है तो पुलिस के बल पर उनको गिरफ्तार करके न सिर्फ कांग्रेस बल्कि मेहनतकश किसानों की आवाज दबाने का काम भाजपा सरकार कर रही है। योगी सरकार सिर्फ कागजों पर किसानों के हक की बात करती है। आज न तो किसानों की आय दुगुनी हुई है और न ही उन्हें उनकी उपज का ड्यौढ़ा दाम मिल रहा है बल्कि किसानों की मंडियां और एमएसपी को एक षडयन्त्र के तहत खत्म करके पूरी खेती किसानी को बर्बाद करने का काम योगी-मोदी कर रही है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि किसान हितैषी योगी सरकार का आलम यह है कि यूपी में सरकारी गड़बड़ी की वजह से साढ़े सात लाख से अधिक किसानों को सम्मान निधि नहीं मिली है लेकिन सरकार ने किसान आन्दोलन को रोकने के लिए नोडल अधिकारी बनाए हैं। यह भाजपा सरकारों की किसान हितैषी होने के दावे की पोल खोलती है और साबित करती है कि भाजपा किसानों की कितनी हितैषी है।