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मील का पत्थर होगा साबित : स्वास्थ्यकर्मियों का नियमन करने वाला विधेयक लोकसभा में पारित

मील का पत्थर होगा साबित  :  स्वास्थ्यकर्मियों का नियमन करने वाला विधेयक लोकसभा में पारित

नयी दिल्ली ! विभिन्न रोगों के उपचार में चिकित्सकों का सहयोग करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों और देखभाल करने वाले पेशेवरों की शिक्षा तथा प्रैक्टिस का नियमन और मानकीकरण करने से संबंधित विधेयक ‘राष्ट्रीय सहबद्ध और स्वास्थ्य देख रेख वृति आयोग विधेयक 2021’ बुधवार को लोकसभा में ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।.इसके जरिए 1971 के कानून में बदलाव किया गया है।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने सदन में विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि यह विधेयक वर्षों से स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में योगदान दे रहे स्वास्थ्यकर्मियों के योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से लाया गया है।

उन्होंने कहा कि कोरोना काल में लोगों की सेवा करने वाले डाक्टरों, नर्सों और सुरक्षाकर्मियों को कोरोना योद्धाओं के रूप में पहचान मिली लेकिन अस्पतालों से जुड़े तकनिशियनों, लैब सहायकों जैसी सेवा देने वालों की भूमिका को ज़्यादातर अनदेखी रही। इस विधेयक से इन सेवाओं से जुड़े लोगों को पहचान और उनके कार्य को स्थायित्व मिलेगा।

डाॅ हर्षवर्धन ने कहा कि इसमें विभिन्न बीमारियों के उपचार और निदान में सहयोग करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को परिभाषित कर उनकी शिक्षा और प्रैक्टिस के नियमन तथा मानकीकरण का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य देखभाल और उपचार से जुड़े 56 क्षेत्रों के स्वास्थ्यकर्मियों तथा सहबद्ध कर्मचारियों को इस विधेयक के दायरे में लाया गया है। इनके नियमन के लिए 10 पेशेवर परिषदों का गठन करने का प्रावधान विधेयक में किया गया है। सभी पेशेवरों के पंजीकरण को भी जरूरी बनाया गया है। इस विधेयक के ज़रिए स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव होगा जो आगे चलकर मील का पत्थर साबित होगा।
यह विधेयक राज्य सभा से पहले ही पारित हो गया है।