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सिलगेर कैम्प को हटाने की साजिश करने वाले शहरी नेटवर्क के के हाथ लगे अहम सुराग - सुंदरराज पी

 सिलगेर कैम्प को हटाने की साजिश करने वाले शहरी नेटवर्क के के हाथ लगे अहम सुराग - सुंदरराज पी

 जगदलपुर । नक्सल प्रभावित दक्षिण बस्तर का अंदरूनी इलाकों में लगातार पुलिस के कैम्प खोलने और नक्सल उन्मूलन की कार्यवाही जारी है, इसका असर भी दिखने लगा है। नक्सल प्रभावित अंदरूनी इलाकों में नये कैंप की स्थापना के साथ इसके विरोध होने लगता है, और ग्रामीणों को सामने रखकर अनेक दलीले दी जाती है। नये कैंप की स्थापना का विरोध करना कोई नई बात नही है, प्रश्र यह उठता है कि बाकी सब ठीक है, पुलिस थाना-कैंप नही चाहिए यह दलील नक्सल प्रभावित इलाकों में अराजकता और नक्सली आतंक को बनाये रखना आखिर कौन चाहता है? कैंप हटाने का निर्णय संभव ही नही हो सकता है।

पुलिस थाना-कैंप हटाने के पक्षधरों से यह पूछना चहिए कि नक्सल उन्मूलन कौन करेगा? पुलिस अपना काम कर रही है, इसी कड़ी में सिलगेर कैम्प को हटाने की साजिश रचने वाले प्रतिबंधित सीपीआई माओवादी संगठन के पश्चिम बस्तर, दक्षिण बस्तर एवं दरभा डिवीजन के माओवादी कैडरों के इशारे पर विरोध प्रदर्शन का संचालन एवं समर्थन करने वाले शहरी नेटवर्क के 06 महिला सहित 17 लोगों का पुलिस रिकार्ड खंगाल रही है। उल्लेखनीय है कि सिलगेर घटना के संबंध में की जा रही विवेचना के दौरान घटनास्थल का फोटो, वीडियो, दस्तावेज, मोबाईल काल डिटेल्स के विश्लेषण पर पुलिस के हाथ अहम सुराग लगे हैं।
बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि जिला सुकमा एवं बीजापुर के सीमावर्ती ग्राम सिलगेर में स्थापित किए गए सुरक्षा कैम्प के कारण से दक्षिण बस्तर, पश्चिम बस्तर एवं दरभा डिवीजन के माओवादी संगठन का सेफ कारीडोर बन्द होने से बौखलाहट में संगठन द्वारा किसी भी कीमत में कैम्प को हटाने हेतु लगातार ग्रामीणों की आड़ में प्रयास किया जा रहा है।

दूसरी ओर क्षेत्र को नक्सल आतंक से मुक्त कराने के उद्देश्य से सुरक्षा बल तमाम चुनौती का सामना करते हुए दृढ़ संकल्प के साथ जनहित में मैदान में डटा हुआ है। उन्होंने कहा कि माओवादियों द्वारा दक्षिण बस्तर इलाके में सुरक्षा कैम्प हटाने हेतु बनायी गयी साजिश को सहयोग प्रदाय करने वाले 06 महिला सहित 17 लोगों के संबंध में पुलिस द्वारा गंभीरता से जांच पड़ताल की जा रही है।

उन्होंने कहा कि माओवादी संगठन की किसी भी गतिविधि को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग प्रदान करने वाले व्यक्तियों पर बस्तर पुलिस की सख्त नजर है, विवेचना अभी प्राथमिक स्तर पर है। विवेचना के दौरान मिलने वाले साक्ष्य के आधार पर दोषियों के विरूद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।