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जब तक भिलाई इस्पात प्रबंधन अपने निर्णय को नहीं बदलेगा तब तक व्यापारियों द्वारा लीज नवीनीकरण की राशि का भुगतान नहीं किया जाएगा

जब तक भिलाई इस्पात प्रबंधन अपने निर्णय को नहीं बदलेगा तब तक व्यापारियों द्वारा लीज नवीनीकरण की राशि का भुगतान नहीं किया जाएगा

भिलाई । लीज नवीनीकरण की दरों को लेकर स्टील सिटी चेंबर भिलाई द्वारा 31 जनवरी भिलाई बंद के निर्णय लिया गया था पश्चात बीएसपी प्रबंधन द्वारा व्यापारियों को इस्पात भवन स्थित अधिशासी निदेशक कार्मिक एवं प्रशासन  एस के दुबे ने स्टील सिटी चेंबर भिलाई के प्रतिनिधियों को कार्यालय में 25 जनवरी को आमंत्रित किया गया था । 

इसी बैठक में लीज नवीनीकरण संबंधी फाइल को भारतीय इस्पात प्राधिकरण नई दिल्ली को भेजे जाने का निर्णय हुआ था साथ ही व्यापारियों पर  कर आरोपित मासिक दंड राशि में छूट दिए जाने का निर्णय हुआ था इसी तारतम्य में बीएसपी प्रबंधन द्वारा जिन व्यापारियों ने लंबे समय से अपने बकाया राशि का भुगतान नहीं किया है उस पर कर आरोपित ब्याज में 50% की छूट एवं बिना अनुमति किए गए अतिरिक्त निर्माण पर लग रहे पेनाल्टी चार्जेस पर 20% की छूट वर्तमान में दिए जाने का निर्णय लिया है।  जिसका स्टील सिटी चेंबर भिलाई ने स्वागत किया है और व्यापारियों से इस छूट का लाभ लेने की अपील की है साथ ही यह भी कहा है कि जब तक लीज नवीनीकरण के संदर्भ में भिलाई इस्पात प्रबंधन अपना निर्णय नहीं ले लेता तब तक टाउनशिप के प्रभावित व्यापारियों द्वारा लीज नवीनीकरण की राशि का भुगतान नहीं किया जाएगा । 

सभी प्रभावित व्यापारियों के नाम जारी अपील में चेंबर के अध्यक्ष ज्ञानचंद जैन ने कहा है कि ऊंट के मुंह में डाला गया  जीरा तात्कालिक लाभ हो सकता है लेकिन जब तक राज्य शासन के नियमों के तहत लीज नवीनीकरण की प्रक्रिया नहीं अपनाई जाती तब तक शहर के व्यापारी चैन से नहीं बैठेंगे ज्ञानचंद जैन ने  उपरोक्त संदर्भ में  सांसद विजय बघेल के  प्रयासों से  प्रकरण सेल बोर्ड की बैठक में  रखे जाने का निर्णय हुआ है  जैन ने यह भी स्पष्ट किया  कि जब तक  भिलाई इस्पात प्रबंधन  अपने निर्णय को नहीं बदलेगा  तब तक भुगतान संभव नहीं । जैन ने यह भी कहा कि जिस भूमि पर  निर्धारित भूमि दरों का भुगतान ले लिया गया है उस भूमि पर  वर्तमान दर से  पुनः राशि का भुगतान लिया जाना  गैर कानूनी एवं अवैधानिक है जिसे समाप्त करने के लिए  हर स्तर पर स्टील सिटी चेंबर का संघर्ष जारी रहेगा ।जैन ने छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से उपरोक्त संदर्भ में हस्तक्षेप करने एवं भिलाई टाउनशिप के व्यापारियों की इस ज्वलंत समस्या के निदान के लिए इस्पात मंत्री भारत सरकार को पत्र लिखे जाने का आग्रह किया है । ज्ञानचंद जैन ने  प्रेम प्रकाश पांडे के प्रयासों की  सराहना करते हुए कहा  कि पिछले 7 वर्षों से  भिलाई इस्पात संयंत्र ने न्यू सिविक सेंटर स्थित दुकानों के  बेदखली आदेश  को रोकने में  तात्कालिक मदद की  जो आज भी यथावत है  इसी तरह स्टील सिटी चेंबर ने  विद्युत नियामक आयोग  में  शिकायत कर  विद्युत कनेक्शन काटे से संबंधित विषय पर याचिका लगाकर व्यापारियों के पक्ष में फैसला लाया जिसके कारण न्यू सिविक सेंटर के लगभग 64 दुकानदारों को वर्तमान में राहत मिली हुई है ।  विजय बघेल , ताम्रध्वज साहू , देवेंद्र यादव के प्रयासों की सराहना करते हुए ज्ञानचंद जैन ने  कहा है  कि सभी जनप्रतिनिधियों ने व्यापारियों पर थोपे जा रहे लीज नवीनीकरण की दरों का पत्र लिखा एवं चर्चा के दौरान स्वीकार किया है कि बीएसपी प्रबंधन की या कार्यशैली निंदनीय है तत्कालीन  जिलाधीश   अंकित आनंद (IAS) ने भी  मुख्य कार्यपालक अधिकारी  भिलाई इस्पात संयंत्र को  पत्र लिखकर राज्य शासन की नीति के अनुरूप लीज नवीनीकरण की  प्रक्रिया अपनाए जाने की निर्देश  राज्य शासन के विभिन्न में  नियमों के तहत दिया है । ज्ञानचंद जैन में यह भी बताया नगर पालिक निगम के सभी आयुक्तों ने भिलाई इस्पात संयंत्र को इस अवैधानिक कृत्य के लिए पत्र भी लिखा लेकिन अपने मतलब के  कार्यों को  पूरा हो जाने पर आयुक्तों ने उन फाइलों को लंबित कर दिया जिन दस्तावेजों में भिलाई इस्पात संयंत्र के खिलाफ भारतीय दण्ड संहिता के तहत 420के आपराधिक प्रकरण दर्ज करने का उल्लेख है वे सभी फाइलें वर्तमान में भी नगर निगम कार्यालय भिलाई में धूल खा रही है लेकिन अधिकारी कोई कार्यवाही बीएसपी प्रबंधन के खिलाफ करने के पक्ष में नहीं नजर आते है । ज्ञानचंद जैन ने स्पष्ट किया है यदि भिलाई इस्पात संयंत्र के अधिकारियों ने समय रहते अपने निर्णय को नहीं बदला तो व्यापारी उच्च न्यायालय की शरण में ही जाने की तैयारी में हैं इसलिए समय रहते न्यायोचित राशि का भुगतान लेकर शहर के प्रभावित व्यापारियों को राहत प्रदान करें और आर्थिक शारीरिक और मानसिक पीड़ा से शहरवासियों को बचाए इसी दिशा में जनप्रतिनिधियों से भी प्रयास करने की अपील पुनः ज्ञान  चंद जैन ने की है।