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अनुसूचित जनजाति आयोग ने रानी दुर्गावती के शहादत दिवस पर माल्यार्पण कर किया श्रद्धा सुमन अर्पित

अनुसूचित जनजाति आयोग ने रानी दुर्गावती के शहादत दिवस पर माल्यार्पण कर किया श्रद्धा सुमन अर्पित

धमतरी, 24 जून। रानी दुर्गावती के शहादत दिवस पर अनुसूचित जनजाति आयोग ने रायपुर स्थित रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम,मंत्री अमरजीत भगत,आबकारी मंत्री कवासी लखमा,कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम,आयोग उपाध्यक्ष सुश्री राजकुमारी दीवान सहित आयोग के अधिकारी कर्मचारियों की उपस्थिति में माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया।


इस दौरान मंत्री प्रेमसाय टेकाम व उपाध्यक्ष दीवान ने रानी दुर्गावती के जीवनी में प्रकाश डालते हुए कहा कि साहस, पराक्रम, शौर्य एवं नारी शक्ति की प्रतीक वीरांगना रानी दुर्गावती जी के बलिदान दिवस पर उन्हें कोटिशः नमन। मातृभूमि की स्वाधीनता एवं धर्म की रक्षा हेतु अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाली इस वीरांगना की अमर गाथाएं अनंतकाल तक आमजनमानस को गौरवान्वित करती रहेंगी। रानी दुर्गावती का नाम भारत की उन महानतम वीरांगनाओं की सबसे अग्रिम पंक्ति में आता है जिन्होंने मातृभूमि और अपने आत्मसम्मान की रक्षा हेतु अपने प्राणों का बलिदान दिया।रानी दुर्गावती कालिंजर के राजा कीरत सिंह की पुत्री और गोंड राजा दलपत शाह की पत्नी थीं।इनका राज्य क्षेत्र दूर-दूर तक फैला था। रानी दुर्गावती बहुत ही कुशल शासिका थीं इनके शासन काल में प्रजा बहुत सुखी थी और राज्य की ख्याति दूर-दूर तक फ़ैल चुकी थी।इनके राज्य पर ना केवल अकबर बल्कि मालवा के शासक बाजबहादुर की भी नजर थी।रानी ने अपने जीवन काल में कई युद्ध लड़े और उनमें विजय भी पाई!