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खेत की बाढ़ में लगाए करेंट से जंगली हाथी की मौत

खेत की बाढ़ में लगाए करेंट से जंगली हाथी की मौत



*करेंट लगने से लगातार हो रही हाथियों की मौत*


*छाल वन परिक्षेत्र में 2007 के बाद से लेकर अब तक 53 महिला/पुरुषो की हो चुकी है मौत*


खरसिया-धरमजयगढ़ वनमंडल के छाल वन परिक्षेत्र के बनहर से भलमुडी रोड के महेतर राम कवलवंशी के टिकरा के नजदीक लगे ट्रांसफार्मर के समीप जंगली मादा हाथी की मौत सूंड में जले का निशान पाए जाने के कारण आशंका व्यक्त की जा रही है कि हाथी को मौत करेंट लगने से हुई है।

सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार 2006 के बाद से अब तक लगभग 23 हाथियों की मौत हो चुकी है जिनमे अधिकतर(लगभग 14 ) हाथियों की मौत करेंट लगने से हुई है।यहाँ यह बताना लाजमी होगा कि छाल वनपरिक्षेञ के अंतर्गत घने जंगलों में अवैध कटाई के चलते जँगली हाथियों को चारा नही मिल पा रहा है जिसके चलते हाथियों ने रहवास इलाके की ओर जाना चालू कर दिया है जिससे गांव में जनधन की भी हानि हो रही है।बताते चले कि आदिवाशी अंचल धरमजयगढ़ वनमंडल के छाल वनपरिक्षेञ के घने जंगलों में अनेकों वर्षो से जंगली हाथियों ने अपनी शरणस्थली बनाया हुआ है जो कि किसानों की फसलों/घरो को नुकसान पहुँचा रहे है।इन जंगली हाथियों एवँ जंगली सुअरों से अपनी मेहनत से खेतों में किसानी करने वाले किसानों द्वारा अपने फसलो को सुरक्षित रखने खेतो में बहुत भारी वोल्टेज का करेंट प्रवाहित किया जाता है जिसकी चपेट में आने से हाथियों की मृत्यु हो रही है।सरकार को चाहिए कि हाथी प्रभावित क्षेत में जन जागरूकता अभियान चलाकर जन धन एवँ जंगली जानवरों एवँ हाथियों को सुरक्षित रखने एक बृहद मुहिम चलाया जाना चाहिए।

*पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के पश्चात ही बता सकता हूँ*

राजेश चौहान(छाल वन परिक्षेत्राधीकारी)