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मराठी लेखक डॉ शरणकुमार लिम्बाले को उनकी पुस्तक सनातन के लिए सरस्वती सम्मान

मराठी लेखक डॉ शरणकुमार लिम्बाले को उनकी पुस्तक सनातन के लिए सरस्वती सम्मान

जानेमाने मराठी लेखक डॉ शरणकुमार लिम्बाले को उनकी पुस्तक सनातन के लिए सरस्वती सम्मान, 2020 प्राप्त होगा। पुरस्कार में पंद्रह लाख रुपये, एक प्रशस्ति पत्र और एक पट्टिका है। 1991 में के के बिड़ला फाउंडेशन द्वारा स्थापित सरस्वती सम्मान देश में सबसे प्रतिष्ठित और सर्वोच्च साहित्यिक पुरस्कार के रूप में मान्यता प्राप्त है। डॉ। लिम्बले का सनातन 2018 में प्रकाशित किया गया है। सनातन दलित संघर्ष का एक महत्वपूर्ण सामाजिक और ऐतिहासिक दस्तावेज है।

उन्होंने कहा "अभी ऑल इंडिया रेडियो से फोन आया और उन्‍होंने बताया कि मुझे सरस्‍वती सम्‍मान मिला है। मुझे बहुत खुशी हुई। ऑल इंडिया रेडियो ने दिल्‍ली से मुझे अभिनंदन किया, इस बात का मुझे बहुत आनंद हो रहा है और दूसरी बात है देश का बहुत बड़ा सम्‍मान जो सरस्‍वती सम्‍मान है, वो मेरी किताब सनातन के लिए मिल गया है। ये हमारे पूरे लेखको को, आंदोलन को, समाज को बहुत आनंद देने वाली घटना है। मैं इससे रोमांचित हुआ हूं। अब तक जो इतिहास में कई दलितों को, आदिवासियों को दिखाया नहीं गया था, ये अनकही स्‍टोरी है, दलित और आदिवा‍सियों की इतिहास की ये रचना है और इस रचना का सम्‍मान होना मुझे बहुत आनंद हो रहा है। मैं आनंद के कारण बोल नहीं पा रहा हूं मगर मेरा आनंद आपके जरिये, सभी मेरे पाठकों के पास, शिक्षकों के और देश के कोनों तक दूर-दूर तक जाएगा।"