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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को नही मिला नईदिल्ली में बंगला..9 मुख्यमंत्रियों को मिला सरकारी बंगला..छत्तीसगढ़ भवन में ही रूकते हैं सीएम.. आरटीआई से मिली जानकारी

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को नही मिला नईदिल्ली में बंगला..9 मुख्यमंत्रियों को मिला सरकारी बंगला..छत्तीसगढ़ भवन में ही रूकते हैं सीएम.. आरटीआई से मिली जानकारी

देश के 9 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को केंद्र सरकार की तरफ से नई दिल्ली के लुटियंस जोन में बंगले अलॉट किए गए हैं. लेकिन सबसे बड़ी बात है कि इनमें से ज्यादातर मुख्यमंत्री या तो बीजेपी से हैं या फिर एनडीए से हैं. कांग्रेस के मुख्यमंत्रियों को अभी तक बंगला नही मिला है, इनमें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी शामिल हैं.

एक आरटीआई से इस बात का खुलासा हुआ है कि देश में 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं. अगर इस हिसाब से देखा जाए को हर तीसरे मुख्यमंत्री को दिल्ली में बंगला अलॉट किया गया है. आरटीआई से मिली जानकारी के बाद, मामला तूल भी पकड़ सकता है. सबसे बड़ी बात है कि यहां बने बंगले ऐसे मुख्यमंत्रियों को अलॉट किए गए हैं. जिनकी दिल्ली आना यदा कदा होता है. उस पर से यह सवाल और गहरा जाता है कि इन राज्यों के सीएम के पास राज्य का आधिकारिक भवन भी है.

जिन 9 सीएम के नाम बंगला अलॉट किए गए हैं उनमें 7 तो सीधे तौर पर एनडीए से ताल्लुक रखते हैं. लेकिन 2 मुख्यमंत्री एनडीए का हिस्सा नहीं हैं. इनमें पहले हैं- तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव और दूसरे हैं आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाय.एस. जगनमोहन रेड्डी. यहां गौर करने वाली बात है कि ये दोनों एनडीए का हिस्सा नहीं है लेकिन कई मौकों पर उन्होंने मोदी सरकार का समर्थन किया है. इसके अलावा असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल और उत्तराखंड के पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को भी दिल्ली में बंगला दिया गया है.

दूसरी ओर कांग्रेस के मुख्यमंतियों को बंगला नही दिया गया है. इनमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी शामिल हैं. वे फिलहाल छत्तीसगढ़ भवन में ही रूकते हैं जबकि अन्य मुख्यमंत्रियों की तरह ही उन्हें भी बंगला मिलना चाहिए. हालांकि सरकार की ओर से ऐसा कोई आवेदन भी केंद्र सरकार को नही दिया गया है. वही सीएम भूपेश बघेल की सादगी भी एक बड़ा कारण है कि वे अलग से कोई बंगला नही चाहते. श्री बघेल फिलहाल छत्तीसगढ़ भवन में ही रूकते आए हैं.

गौरतलब है कि दिल्ली के लुटियंज जोन में केंद्र सरकार केंद्रीय मंत्रियों, एमपी बड़े ओहदे वाले सरकारी अधिकारियों को बंगले अलॉट करती है. सुविधा के लिहाज से इन बंगलों का किराया भी नहीं के बराबर होता है. बता दें, इन बंगलों के लिए सिर्फ 5 हजार महीना किराया देना होगा.