भूखे मरने की नौबत दिल्ली में फसा रेल्वे के 50 लोगों का दस्ता

भूखे  मरने की नौबत दिल्ली में फसा  रेल्वे  के 50 लोगों का दस्ता


तीन दिनों से दिल्ली में फंसा रेलवे के 50 लोगों का दस्ता, ट्रेनें रद्द होने से अब भूंखे मरने की नौबत 

रायपुर, 24 मार्च  | कोरोना वायरस से बचने के लिए देश भर को लॉक डाउन करके वायरस को फ़ैलाने से रोकने में सरकार लगातार काम कर रही है, लेकिन देश भर की यातायात सुविधाओं को बंद कर देने से आम जनता तो जैसे-तैसे अपनी व्यवस्था बना रहे हैं लेकिन कुछ ऐसे भी लोग हैं जो ड्यूटी की वजह से अटक गए हैं।मामला रायपुर से दिल्ली गई समता एक्सप्रेस में तैनात कर्मचारियों का है जिसमें रायपुर रेल मंडल के करीब 50 रेल्वे कर्मचारी दिल्ली में फस गए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक तीन दिन पहले रायपुर स्टेशन से समता एक्सप्रेस में ड्यूटी पर तकरीबन 50 के करीब स्टाफ गए हुए थे।


लेकिन जनता कर्फ्यू के दिन देश भर में सभी ट्रेनों को रद्द कर दिए जाने की वजह से पिछले तीन दिन से दिल्ली के रेल्वे यार्ड में फसे हुए हैं। समता एक्सप्रेस में फसे हुए कर्मचारियों में पांच से ज्यादा टिकट निरीक्षक ग्यारह से ज्यादा पेंट्री कार स्टाफ, दस से ज्यादा स्लीपर और एसी कोचों में सुविधा व्यवस्था बनाने वाले अटेंडेंट स्टाफ, पांच से ज्यादा एसी मैकेनिक स्टाफ के साथ ही ट्रेन की सभी बोगोयों को हाइजीनिक बनाने वाले कई सारे सफाई कर्मी भी फसे हुए हैं।


इनमें से टिकट निरीक्षकों को तो रुकने के लिए रेल्वे का रेस्ट हाउस उपलब्ध भी है, लेकिन बाकि के 40 के करीब स्टाफ को दिल्ली के रेलवे यार्ड में ही पिछले तीन दिनों से जैसे-तैसे समय काटना पड़ रहा है। परेशानी इतनी ही हो तो कैसे भी कर के मैनेज किया भी जाये, लेकिन दिल्ली में फसे सभी कर्मचारियों के पास जो भी थोड़े बहुत पैसे थे खर्च हो चुके हैं, ऐसे में रेल्वे यार्ड में फसे कर्मचारी भूखे मर रहे हैं। 

दिल्ली में फसे हुए टिकट निरीक्षक तीन दिन पहले दिल्ली ड्यूटी में आये थे लेकिन ट्रेन रद्द होजाने के कारन यहां फास गए हैं। डियूटी के दौरान बहुत सरे पैसे भी नहीं थे और जो थे भी वो पिछले तीन दिनों में खाने पिने में ही खर्च हो चुके हैं। हम तो कैसे भी करके रसथाउस में मैनेज कर भी लेंगे लेकिन यार्ड में फसे बाकी के कर्मचारी बहुत बुरी स्थिति में हैं, पेंट्री में भी बहुत साड़ी खाने पिने की चीजे स्टोर करके नहीं रखी जाती और यार्ड इलाका शहर से काफी दूर होने की वजह से उधर कुछ भी खाने-पीने की वस्तुए भी नहीं मिल पाएंगी। हमने अपनी परेशानी को रेल मंत्री के पास चिट्ठी लिख कर भेजी है, व्यवस्था बन पाती है।