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मंत्री की अनुशंसा के बाद भी भ्रष्ट कर्मचारी पद पर काबिज!

मंत्री की अनुशंसा के बाद भी भ्रष्ट कर्मचारी पद पर काबिज!


निलंबन की कार्यवाही ठण्डे बस्ते में, छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन संघ का मामला


चमन प्रकाश केयर

रायपुर, 1 नवंबर। छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन संघ में पदस्थ कर्मचारी रामकिशुन देवांगन का विवाद बढ़ता ही जा रहा है. प्रदेश भर के करीब तीन सौ महिला स्व सहायता समूहों ने ग्रामोद्योग मंत्री गुरु रूद्र कुमार से देवांगन की शिकायत की थी. इस पर विभागीय मंत्री ने एक महीना पहले रामकिशुन देवांगन को तत्काल निलम्बित करने के आदेश विभाग के अधिकारी को दिए थे जिसका अनुमोदन वर्तमान एमडी आइएएस राजेश राणा ने कर दिया था लेकिन अब उसके अनुमोदन के लिए चेयरमेन मोतीलाल देवांगन के पास भेज दिया गया है.

जबकि रामकिशुन देवांगन प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी स्तर के अधिकारी नही हैं लेकिन अनुमोदन की प्रक्रिया अपनायी गई है जबकि रामकिशुन देवांगन हाथकरघा संघ में तृतीय वर्ग में विक्रेता के पद पर कार्य कर रहे है. उक्त कर्मचारी से मिलीभगत कर प्रबंध संचालक राजेश राणा आईएएस ने बिहार चुनाव में जाने से पहले आठ अक्टूबर को अनुमोदन के लिए चेयरमेन मोतीलाल देवांगन के पास फाईल आगे बढ़ा दिया था लेकिन देवांगन का कुछ नही हो सका.


इतना ही नहीं विभागीय मंत्री गुरु रूद्र कुमार रामकिशुन देवांगन को निलंबित करने का आदेश एक अक्टूबर को दिए थे. इसके बाद छह अक्टूबर को ग्रामोद्योग विभाग के अवर सचिव सतीश कुमार नामदेव ने प्रबंध संचालक राजेश राणा को विभागीय मंत्री के पत्र का हवाला देकर उक्त कर्मचारी को तत्काल निलबिंत कर विभाग को अवगत कराने के लिए पत्र भेजा गया था. विभाग के इस आदेश को भी राजेश राणा ने नज़रअंदाज़ कर दिए है. जब रामकिशुन देवांगन पर कार्यवाही होते नही दिखी तो प्रदेश के सैकड़ो महिला स्व सहायता समूह के महिलाओं ने विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. मनिन्दर कौर द्विवेदी के पास लिखित शिकायत की है. इस पर प्रमुख सचिव ने भी उक्त कर्मचारी को तत्काल निलम्बित करने के आदेश दिए थे.


गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले ही महिला स्व सहायता समूह की महिलाओं ने अपने एक शिकायती पत्र में आरोप लगाया था कि लिपिक रामकिशुन देवांगन पेंट, ट्यूनिक सिलाई का कार्य देने के बजाय उनसे रिश्वत की मांग करता है जो रिश्वत नही देता, उसे कार्यादेश नही मिलता. इसके अलावा बंगाल के कारीगरों को नियम विरुद्ध काम दिया जाता है. एक गंभीर आरोप यह भी है कि देवांगन जब गोदाम प्रभारी थे तब इन्होने नौ सौ नग चादर छुईखदान की एक बुनकर समिति को बेच दी थी जिस पर निलंबन की कार्यवाही की जा चुकी है साथ ही हाथकरघा संघ का दो सौ चालीस किलो धागा भी गैरकानूनी रूप से बेचने का आरोप था. जाँच कराने के बाद विभाग द्वारा कार्यवाही भी की जा चुकी है. स्पष्ट है कि देवांगन को बचाने के पीछे भ्रष्टाचार का खेल खेला जा रहा है. पूर्व में देवांगन को रेडीमेड कक्ष से हटाते हुए इनकी पदस्थापना कोरबा में की गई थी लेकिन उक्त कर्मचारी ने अब तक ज्वाइनिंग ही नही दिए है.

इस नियम के तहत होनी चाहिए थी कार्रवाई 

छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ मर्यादित में लागु मध्यप्रदेश सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 कि उपविधि के धारा 38 के भाग 1. 4 मेंउल्लेखित प्रबन्ध संचालक की शक्तियां और कर्तव्य के मुताबिक हाथकरघा संघ के समस्तवैतनिक कर्मचारियों को संघ के नियम विरुद्ध कार्य करने पर सेवा से निलंबित करना,कार्य से अलग रखने का अधिकार दिए गये है . साथ ही प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी केअधिकारीयों के विरुद्ध कार्यवाही के पूर्व अध्यक्ष से अनुमोदन के पश्चात् ही किया जासकता है .  तो वहीं रामकिशुन देवांगन प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी स्तरके अधिकारी नही होने के बावजूद भी अनुमोदन कि प्रक्रिया अपनाया है . जबकि रामकिशुन  देवांगन हाथकरघा संघ में तृतीय वर्ग में विक्रेताके पद पर कार्य कर रहे है . उक्त कर्मचारी से मिलीभगत कर प्रबंध संचालक राजेश राणाआईएएस ने बिहार चुनाव में जाने से पहले आठ अक्टूबर को अनुमोदन के लिए चेयरमेनमोतीलाल देवांगन के पास फाईल आगे बढ़ा दिया है . 

कर्मचारी रामकिशुन देवांगन को निलंबित करने का आदेश मिलने के बाद अनुमोदन के लिए फॉरवर्ड कर दिया हूँ. इस पर अब तक क्या कार्यवाही हुयी है, इसकी मुझे जानकारी नही है. फ़िलहाल मैं बिहार चुनाव ड्यूटी में व्यस्त हूँ. प्रबंध संचालक सुधाकर खलको से जानकारी ले सकते हैं.

राजेश राणा, तात्कालिक प्रबंध संचालक, छ.ग राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन संघ

मामला मेरे संज्ञान में है. जांच के पश्चात ही कुछ कह पाउंगा. ज्यादा जानकारी के लिए एमडी राजेश राणा से बात कर सकते हैं.

सुधाकर खलको, प्रभारी प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ