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छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन 'तले कलम रख मसाल उठा' आंदोलन के तीसरे चरण में निकाली जंगी रैली

छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन 'तले कलम रख मसाल उठा' आंदोलन के तीसरे चरण में निकाली जंगी रैली

रायपुर।  रायपुर के बूढ़ा तालाब पर स्थित धरना स्थल में आज छत्तीसगढ़ के 28 जिलों के हज़ारो कर्मचारियो ने छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन 'तले कलम रख मसाल उठा' आंदोलन के तीसरे चरण में जंगी रैली निकाली। रैली के पहले कर्मचारी नेताओ ने धरना स्थल पर एकत्र हुए लोगो को सम्बोधित किया।

कलम रख मशाल उठा आंदोलन के तहत आज प्रदेशभर के शासकीय कर्मचारियो ने राजधानी रायपुर के बूढ़ा तालाब धरना स्थल में महा रैली निकाली और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। 


गौरतलब है कि दोपहर 12 बजे से ही बस्तर,सरगुजा,बिलासपुर रायपुर एवं दुर्ग संभाग के सभी जिलों से कर्मचारियों का बूढ़ा तालाब में इकट्ठा होने का सिलसिला जारी रहा। आंदोलनकारियों के जमावड़ा के चलते आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया था।

आमसभा में कर्मचारी नेताओं ने अपने सम्बोधन में सरकार के रवैये पर जमकर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी अमले के हितों का सरकार उपेक्षा कर रही है। शासकीय सेवकों के सेवाश्तों को पूरा करने में सरकार कोरोना काल का बहाना रही है। लेकिन अन्य मामलों में सरकार बेधड़क व्यय कर रही है। सरकारी कर्मचारियों के संगठनों ने लंबे समय से महंगाई भत्ता,सातवे वेतनमान का बकाया एरियर्स, चार स्तरीय पदोन्नत वेतनमान वेतन विसंगति में सुधार,समयबद्ध क्रमोन्नत वेतनमान/ समयमान,पदोन्नति,अनियमित कर्म नियमितीकरण, पुराण पेंशन योजना लागू करने,अनुकंपा नियुक्ति में शिथिलीकरण जैसे 14 सूत्रीय मामलों पर विभाग को ज्ञापन दिया था। लेकिन निराकरण नहीं होने के कारण छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के बैनर में एकजुट होकर आंदोलन का रास्ता अख्तियार किया।

छत्तीसगढ़ प्रदेश सिटी वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के 5000 से अधिक सदस्यों ने फेडरेशन की रैली में शामिल होकर मांगों के लिए एकजुटता प्रदर्शित किया कर्मचारी संघ ने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित करते हुए दिल्ली बॉर्डर पर आंदोलनरत हजारों किसानों की मांगों का समर्थन करते हुए प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया की किसान विरोधी तीनों कानूनों को तत्काल वापस लिया जाए संघ ने आंदोलन में शहीद हुए किसानों को श्रद्धांजलि दी गई। 


फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा ने अपने सम्बोधन में सरकार से आग्रह किया कि जल्द से जल्द वेतन विसंगति को सरकार दूर करे साथ ही साथ सरकार ने 9% मेहंगाई बात्ता रोक रखा है उसे जारी करे,7वां वेतनमान के एरिया की तीसरी क़िस्त जारी करे और मुख्यमंत्री को याद दिलाना चाहते है कि 2020 कर्मचारियों का साल होना था , क्या हुआ उनका वादा, उन्होंने कर्मचारियों के लिए क्या किया?

फेडरेशन के संरक्षक सुभाष मिश्र ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के बयान ' राज्य पर को रही पदिस्थपाना ठेके पर को रही है ' वाले बयान पर तंज कस्ते हुए अपनी बात रखी, मिश्र ने कहा कि हमारे अधिकारी ,कर्मचारी ठेके पर नहीं है, वे संविदा पर है. हमारी 14 सूत्री मांग है, जहा हम नियमितीकरण से लेकर मेहंगाई भत्ता और सातवे वेतनमान के एरिया आदि चीज़ों को लेकर आंदोलनरत है।


छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन इसके पहले 1 दिसंबर को प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्ट्रेट में कर्मचारी मशाल लेकर प्रदर्शन किये थे। जिसके बाद द्वितीय चरण में 11 दिसंबर को जिला मुख्यालयों में धरना प्रदर्शन कर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया था।