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एम्स के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कोरोना महामारी फैलाने वाले सार्सकोव-2 ज्यादा खतरनाक है

एम्स के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कोरोना महामारी फैलाने वाले सार्सकोव-2 ज्यादा खतरनाक है


कोरोना की रफ़्तार बढ़ते ही जा रही है और देश की स्थति चिंताजनक हो गयी है। जहाँ भारत में अब एक और वैक्सीन को मंजूरी मिल गई है. दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने आशंका जताई है कि राष्ट्रीय राजधानी में भी कोविड केस में बेतहाशा वृद्धि के पीछे भी यह नया स्ट्रेन ही हो सकता है।उन्होंने कहा, "हमें पता चला है कि एक मरीज पिछले बार के मुकाबले इस बार कहीं ज्यादा लोगों को संक्रमित कर रहा है। पहले एक मरीज अपने संपर्क में आने वाले 30 से 40 प्रतिशत लोगों को संक्रमित कर पाता था, लेकिन इस बार यह आंकड़ा 80 से 90 प्रतिशत तक पहुंच गया है।" इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी फैलाने वाले सार्सकोव-2 (SARS-Cov-2) का नया स्ट्रेन संक्रमण फैलाने की रफ्तार के लिहाज से पुराने या मूल स्ट्रेन से कहीं ज्यादा खतरनाक है

क्या है कोरोना के बढ़ने की वजह ?

एम्स के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि कोरोना के तेजी से फैलने के पीछे सबसे बड़ी वजह तो मास्क नहीं पहनना , दो गज दूरी का पालन नहीं करना, वक्त-वक्त पर हाथ नहीं धोने जैसी लापरवाही है। अब लोग ज्यादा बेफिक्र हो गए हैं। वो संक्रमण से बचने को लेकर बहुत सतर्क नहीं हैं। इस कारण डेली कोरोना केस इतना ज्यादा हो गया है कि अस्पतालों में बेड नहीं बचे हैं। एम्स डायरेक्टर ने लोगों से कोरोना वैक्सीन लगवाने की बात कही। उनका कहना है कि 'वैक्सीन आपको इम्यूनिटी देता है, आपको संक्रमण से नहीं बचाता। ऐसे में मास्क और दो गज की दूरी का नियम ही कोरोना से पूरी तरह बचा सकता है।