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स्वसहायता समूह की महिलाओं को फ्लोरीकल्चर के लिए प्रोत्साहित करें - कलेक्टर

स्वसहायता समूह की महिलाओं को फ्लोरीकल्चर के लिए प्रोत्साहित करें - कलेक्टर

 राजनांदगांव। कलेक्टर  तारन प्रकाश सिन्हा ने कहा कि छोटी सी शुरूआत से असंभव कार्य भी होते हैं। जिले में महिला स्वसहायता समूह की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के लिए उन्हें ऐसा उत्पाद बनाने के लिए प्रोत्साहित करें, जिसकी मार्केट में मांग हो। डोंगरगढ़ में माता बम्लेश्वरी के मंदिर में फूल अन्य प्रदेशों से मंगाये जाते हैं। स्वसहायता समूह की महिलाओं को फ्लोरीकल्चर को बढ़ावा देते हुए संयुक्त कार्ययोजना बनाकर उन्हें गेंदा, गुलाब एवं अन्य फूल लगाने के लिए प्रोत्साहित करें। उद्यानिकी, क्रेडा एवं कृषि महाविद्यालय के विशेषज्ञों की मदद से आधुनिक तकनीक का प्रयोग करते हुए पॉलीकल्चर एवं मल्चिंग विधि से अधिक उत्पादन किया जा सकता है। कम स्थान पर अधिकतम उत्पादन के लिए विशेषज्ञों से परामर्श लें एवं इसे राष्ट्रीय स्तर का मॉडल बनाएं। समूह की महिलाओं को मल्टीएक्टीविटी से जोड़कर उनकी आजीविका के लिए मार्केटिंग एजेंट नियुक्त करने की जरूरत है। व्यापक पैमाने पर सिलाई, जैविक सुगंधित चावल, चार से चिरौंजी, अगरबत्ती जैसी गतिविधियां संचालित करें एवं मार्केटिंग लिंकेज करें। वहीं महिलाओं को मत्स्य पालन, मुर्गी पालन, बकरी पालन जैसी गतिविधियों से भी जोड़ें। शासन की ओर से सहायता मिलेगी, लेकिन इस कार्य को पूर्ण करने के लिए इच्छाशक्ति की आवश्यकता है। उक्त बातें उन्होंने जिला जनपद के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान कही। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, क्रेडा एवं सीएसईबी के कार्यों की समीक्षा की।
कलेक्टर  सिन्हा ने कहा कि महिला स्वसहायता समूह के कार्यों में फर्जीवाड़ा करने पर कार्रवाई की जाएगी। उनकी गतिविधियां सही ढंग से संचालित होनी चाहिए। वनाधिकार पट्टा प्राप्त करने वाले वनवासियों के लिए भी मल्टीएक्टीविटी होनी चाहिए। उन्होंने सीएसईबी के कार्यपालन अभियंता से कहा कि विद्युतविहीन ग्रामों की सूची बनाकर भेंजे एवं गौठानों में विद्युत कनेक्शन देने के लिए निर्देश दिए। क्रेडा विभाग के अधिकारियों को जल जीवन मिशन का कार्य निर्धारित समय पर गुणवत्तापूर्ण करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि सौर सुजला योजना से अधिक से अधिक किसानों को लाभान्वित करें। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत बेसलाईन सर्वेक्षण की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ओडीएफ प्लस के लिए कचरा प्रबंधन एवं तरल एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों को समय पर पूरा करें। जनसामान्य के व्यवहार एवं आदत में यह बात शामिल होना चाहिए। गौठान में गुणवत्तायुक्त कार्य होना चाहिए। कलेक्टर ने सामुदायिक शौचालय निर्माण की प्रगति एवं उपयोग, हाइवे शौचालय निर्माण की प्रगति, व्यक्तिगत शौचालय निर्माण की प्रगति, गोबरधन योजना दिनबंधु मॉडल की प्रगति, गौठान शौचालय निर्माण की प्रगति, सिंगल युज प्लास्टिक बैग की प्रगति, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की प्रगति और बेसलाईन सर्वेक्षण की प्रगति की समीक्षा की। जिला में स्वसहायता समूह का गठन, समूह के बैंक लिंकेज की प्रगति, समूह द्वारा आजीविका गतिविधि संचालन की जानकारी ली।
डीपीएम एनआरएलएम  उमेश मिश्रा ने बताया कि जिले में 17 हजार 813 स्वसहायता समूह है।  8 विकासखंडों में संयुक्त कृषि की जा रही है। मानपुर, मोहला, अंबागढ़ चौकी में मुर्गीपालन, बकरी पालन एवं सब्जी उत्पादन का कार्य किया जा रहा है। समूह की महिलाओं द्वारा जैविक खाद उत्पादन, सामुदायिक बाड़ी में सब्जी उत्पादन, चैन वाटर फेसिंग, केचुआ पालन, मछली  पालन, सीमेंट पोल निर्माण, गोबर गमला निर्माण, मशरूम उत्पादन, बीज उत्पादन, गेंदा फूल उत्पादन कड़कनाथ मुर्गी पालन, मिनी राईस मिल गतिविधि संचालित है। इस अवसर पर अतिरिक्त सीईओ जिला पंचायत  दिलीप कुर्रे, एपीओ जिला पंचायत  प्रदीप कुमार सहारे, डीएमएम एनआरएलएम  पिनाकी डे सरकार, एपीओ स्वच्छ भारत मिशन  बीएल कौशार्य उपस्थित थे।  इस दौरान वीडियो कांफे्रसिंग के माध्यम से डीपीएम एनआरएलएम, विकासखंड समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन जुड़े।