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UPSC में चौथी रैंक हासिल करने वाले हिमांशु ने बताया- सेल्फ स्टडी का फायदा

UPSC में चौथी रैंक हासिल करने वाले हिमांशु ने बताया- सेल्फ स्टडी का फायदा

नई दिल्ली, 31 अक्टूबर। यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) की प्रीलिम्स परीक्षा हो चुकी है, अब मेंस परीक्षा का आयोजन 8 जनवरी 2021 को किया जाएगा. यूपीएससी की परीक्षा सबसे मुश्किल परीक्षा में से एक मानी जाती है. ऐसे में जो उम्मीदवार यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर कर रहे हैं  वह जानें- साल 2019 में चौथी रैंक हासिल करने वाले हिमांशु जैन स्ट्रैटेजी.

हिमांशु हरियाणा के पलवल जिले के होडल गांव के रहने वाले हैं, उनकी शुरुआती पढ़ाई होडल में ही हुई है. इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्विद्यालय (Delhi University) के हंसराज कॉलेज से इकोनॉमिक्स हॉनर्स में अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री ली.

उन्होंने बताया, कैसे यूपीएससी की तैयारी शुरू की थी. हिमांशु ने कहा, मैंने स्कूल में ही सोच लिया था कि भविष्य में एक IAS ऑफिसर बनूंगा. उन्होंने कहा,  ये एक मुश्किल परीक्षा है, ऐसे में अनुशासन, निरंतरता और धैर्य रखना बहुत ही जरूरी है.

सेल्फ स्टडी के बताए फायदे

हिमांशु ने कहा, जो उम्मीदवार यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें मैं कहना चाहता हूं सेल्फ़ स्टडी ज्यादा कारगर साबित होती है, इसलिए मुख्य बिंदुओं पर ध्यान देना बेहद जरूरी है.अगर सेल्फ़ स्टडी ध्यान से की जाए तो आपके बनाए गए छोटे- छोटे नोट्स परीक्षा के आखिरी दिनों में काम आएंगे.

हिमांशु ने आगे बताया कि तैयारी करने  के लिए किताबों के मामले में NCERT सबसे ज्यादा फयदेमंद होती हैं. इसके साथ-साथ कई बिंदुओं को कवर करने के लिए अखबार से भी काफी मदद मिलती है. आपको बता दें, हिमांशु का ये दूसरा प्रयास था जिसमें उन्होंने चौथी रैंक के साथ कामयाबी हासिल की थी.

हिमांशु क्यों  बनना चाहते थे IAS

हिमांशु ने IAS बनने के बाद हमारे हाथ में वो शक्ति होती है जो हम समाज की भलाई के लिए कर सकते हैं. ऐसे मैं बतौर IAS एजुकेशन और हेल्थ सेक्टर में काफी कुछ करना चाहता हूं.