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असम के ब्लॉकेड लगाए जाने से परेशानी में मिजोरम

असम के ब्लॉकेड लगाए जाने से परेशानी में मिजोरम

आइजोल।  असम के ब्लॉकेड लगाए जाने के बाद मिजोरम में परेशानियां बढ़ गईं हैं. सभी पेट्रोल पंप पर राशनिंग शुरू कर दी गई है और कौन कितना पेट्रोल-डीजल भरवाएगा, इसकी लिमिट तय कर दी गई है. इतना ही नहीं, पेट्रोल-डीजल के लिए जिले के डिप्टी कमिश्नर की अनुमति भी लेनी होगी.मिजोरम में दोपहिया गाड़ियों को अभी हर दिन 3 लीटर पेट्रोल या डीजल ही दिया जा रहा है. 

इस पूरे तनाव के बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा  ने कहा है कि इस विवाद को बातचीत से ही सुलझाया जा सकता है. उन्होंने कहा, हमारा फोकस नॉर्थ-ईस्ट की भावनाओं को जिंदा रखना है. असम-मिजोरम सीमा पर जो हुआ, वो दोनों राज्यों के लोगों को मंजूर नहीं है. सीमा विवाद को बातचीत से ही सुलझाया जा सकता है

  असम के कई सीमावर्ती इलाकों में मिजोरम  के लिए ब्लॉकेड लगा दिए गए हैं. नतीजा ये हो रहा है कि मिजोरम में जरूरी सामान की कमी पड़ने लगी है. लोगों को पेट्रोल-डीजल भी एक लिमिट में ही दिया जा रहा है.  मीडियम प्राइवेट गाड़ियों के लिए 5 लीटर की लिमिट तय कर दी गई है. मिजोरम के मुख्य सचिव ने आज तक से बातचीत में बताया है कि राज्य में जरूरी सामानों की कमी होने लगी है.

इस बीच इस ब्लॉकेड को लेकर मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरामथंगा ने केंद्र सरकार को भी जानकारी दे दी है. जोरामथंगा ने  कहा था, कि 'असम ने मिजोरम के खिलाफ नाकेबंदी कर दी है. केंद्र सरकार को तुरंत इसमें दखल देना चाहिए. ये दूसरा बर्लिन नहीं बनना चाहिए.'