जनधारा : केंद्र सरकार ने दी हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन दवा को मंजूरी, राजपत्र में प्रकाशित, छत्तीसगढ़ सरकार ने दिया था सुझाव, दवाई बेचने की मंजूरी दी

जनधारा : केंद्र सरकार ने दी हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन दवा को मंजूरी, राजपत्र में प्रकाशित, छत्तीसगढ़ सरकार ने दिया था सुझाव, दवाई बेचने की मंजूरी दी

रायपुर. केंद्र सरकार ने अंतत: कोरोना' वायरस से निबटने के लिए एक दवा हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन' को मंजूरी दे दी और वह राजपत्र में प्रकाशित भी हो गई. यानि छत्तीसगढ़ सहित देशभर के लोग हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन का इस्तेमाल कोरोना के खिलाफ कर सकेंगे. यह दवाई अब तक मलेरिया के काम आती थी और सबसे पहले अमरीका ने इसका उपयोग कोरोना के लिए किया. तीन लोगों पर किए गए प्रयोग के बाद इसे ओके किया गया था.

26 मार्च 2020 को औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 की धारा 26 के अंतर्गत केन्द्र सरकार ने कहा है कि, 'केंद्रीय सरकार का यह समाधान हो गया है कि हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन औषधि कोरोना के कारण उत्पन्न होने वाले आपातकालीन अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए आवश्यक है और इसे लोकहित में उपयोग करने के लिए आवश्यक और समीचीन है. अत: केन्द्रीय सरकार औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 की धारा 26ख के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह निर्देश देती है कि हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन की खुदरा बिक्री लिए शर्तों के अध्यधीन होगी.

इसके पूर्व भारत सरकार को भी बहुत से लोगों ने इस दवाई को मंजूरी देने के लिए सुझाव दिया था लेकिन सरकार विशेषज्ञों की राय का इंतजार कर रही थी. अब जबकि इसे राजपत्र में मंजूरी मिल गई है तो लोगों ने राहत की सांस ली है. हालांकि छत्तीसगढ़ के मेडिकल स्टोर्स में यह दवा पहले से ही उपलब्ध थी लेकिन अधिकृत तौर पर कोरोना के इलाज के लिए नही दी जा रही थी.

प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि हाइड्रोक्सी क्लोरो क्वीन औषधि युक्त किसी भी औषधि की खुदरा बिक्री 1945 की अनुसूची H1 में निर्दिष्ट दवाओं की बिक्री के लिए शर्तों के अधीन कर दिया है! व्हाट्सएप में चली खबरों के बाद पिछले 15 दिनों में पूरे देश में लोगों ने खुद से मेडिकल स्टोर से खरीदकर यह दवा खाई है फलत: पूरे देश में दवाई की कमी है! ऐसे लोगों में आने वाले दिनों में दवा के दुष्प्रभाव आने की संभावना है और तो और मलेरिया के मरीजों को आने वाले दिनों में दवा की कमी का सामना करना पड़ेगा!

श्री गुप्ता ने बताया कि इसके लिए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और प्रधानमंत्री कार्यालय को भी ट्वीट किया गया! कई बार बोलने के बाद छत्तीसगढ़ सरकार से यह आदेश 3 दिन पहले जारी हुआ!