breaking news New

छत्तीसगढ़ में नया खतरा..कोरोना के नये स्ट्रेन की दस्तक.. छत्तीसगढ़ से लगती सीमा पर चौकसी बढ़ाई गई..पूर्व मंत्री केदार कश्यप ने सरकार का चेताया..वैक्सीन ही एकमात्र रास्ता

छत्तीसगढ़ में नया खतरा..कोरोना के नये स्ट्रेन की दस्तक.. छत्तीसगढ़ से लगती सीमा पर चौकसी बढ़ाई गई..पूर्व मंत्री केदार कश्यप ने सरकार का चेताया..वैक्सीन ही एकमात्र रास्ता

जनधारा
सुकमा. आंध्रप्रदेश में कोरोना के नए स्ट्रेन के मामले सामने आने पर छत्तीसगढ़ से लगती सीमा पर चौकसी बढ़ाई गई है। आंध्रप्रदेश और तेलंगाना की ओर से आने वालों की जांच हो रही है। छत्तीसगढ़ और आंध्रप्रदेश की सीमा पर पिछले 1 घंटे में 6 व्यक्ति कोरोना संक्रमित मिले हैं।


दूसरी ओर भाजपा प्रवक्ता तथा पूर्व मंत्री केदार कश्यप ने भी कोरोना के नये स्ट्रेन की दस्तक पर चिंता जताते हुए सरकार से मांग की है कि वह जल्द से जल्द सतर्क होकर उचित कदम उठाए ताकि यह स्ट्रेन पैर ना पसार सके. बता दें कि कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार लगातार सख्ती बरत रही है। इसी क्रम में राज्य सरकार ने एयरपोर्ट में अनिवार्य रूप से आरटी पीसीआर निगेटिव रिपोर्ट दिखाने का आदेश जारी किया है। बिना रिपोर्ट के आने वाले यात्रियों को रियायत नहीं दी जाएगी।

जारी आदेश के अनुसार एयरलाइन को बोर्डिंग पास देने के पहले आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य है। रिपोर्ट दिखाने के बाद ही जाने दिया जाएगा। बता दें ​कि मंगलवार को कई यात्री बिना रिपोर्ट के रायपुर आए थे, इस दौरान हंगामा भी हुआ। पहला दिन होने के कारण एयरपोर्ट पर ही कोरोना की जांच हुई। वहीं आज सख्त आदेश के बाद यात्रियों का एयरपोर्ट में सघन जांच हो रही है। आज सुबह पहुंचे तीन यात्रा को बेंगलुरु वापस भेजे गए हैं।

क्या है नया कोरोना स्ट्रेन

जो भी लोग संक्रमण से प्रभावित होंगे उनके शरीर में ऐंटिबॉडी बनेगी जो संक्रमण को रोकने का काम करेगी लेकिन अब कोरोना के नये -नये स्ट्रैन ने हर्ड इम्यूनिटी को लेकर संभावनाएं और कम कर दी है. यह तो साफ हो गया है कि इतनी आसानी से संक्रमण जाने वाला नहीं है.

इस संबंध में देश के हेल्थ एक्सपर्ट्स ने भी अपना मत रखा है जिसमें उन्होंने यह माना है कि आसानी से हर्ड इम्यूनिटी तैयार नहीं हो पायेगी ना सिर्फ देश में पूरी दुनिया में कोरोना संक्रमण का फैलाव अभी जारी रहेगा. एक्सपर्ट का कहना है कि अब से करीब छह से नौ महीने के बाद इनमें कमी आयेगी.

कब तैयार होती है हर्ड इम्यूनिटी

यह तब तैयार होती है जब आबादी का बड़ा हिस्सा संक्रमण से ठीक होकर अपने अंदर एंटीबॉडी विकसित कर लेता है. यह दो तरीके से संभव है कि एक तो वायरस से खुद ब खुद निपटा गया और दूसरा वैक्सीनेशन के जरिये यह विकसित किया गया है.

हर्ड इम्यूनिटी को लेकर कई तरह की बातें हो रही है कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि हर्ड प्रॉटेक्शन है ना कि हर्ड इम्यूनिटी क्योंकि वायरस के खिलाफ इम्यूनिटी विकसित नहीं होती बल्कि प्रोटेक्शन होता है. एक्सपर्ट्स ने यह भी राय दी है कि कोरोना से जंग में वैक्सीन बड़ी भूमिका निभायेगा इसलिए सभी को वैक्सीन लेना चाहिए. कोरोना वायरस से लड़ाई निकट भविष्य में खत्म नहीं हो रही है यह लड़ाई लंबी चलेगी तो इसकी तैयारी भी उसी आधार पर करनी होगी.

हर्ड इम्यूनिटी को लेकर तरह तरह की चर्चा है. एक्सपर्ट्स कहते हैं जब संक्रमण से लड़ने की क्षमता कुछ महीनों के अंदर ही खत्म हो जाती है तो इसका प्रसार कैसे होगा, कहीं बनेगी तो कहीं खत्म हो जायेगी. ऐसे में वैक्सीन ही एक मात्र रास्ता है.