बीज निगम ने खासमखास के लिए निकाला टेंडर, अर्नेस्ट मनी की राशि बढ़ाई हजार गुना, आपदा के समय टेंडर कैसे जारी कर सकते हैं

बीज निगम ने खासमखास के लिए निकाला टेंडर, अर्नेस्ट मनी की राशि बढ़ाई हजार गुना, आपदा के समय टेंडर कैसे जारी कर सकते हैं

रायपुर. बीज निगम ने भंडार क्रय नियम को तोड़कर रेट कांट्रेक्ट का टेंडर जारी किया है जिसमें तीन सामान खाद, बीज व कीेटनाशक की खरीदी पर आपको एक करोड़ रुपए की अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट करनी होगी। जबकि पहले यह राशि महज एक लाख रुपए थी। इस प्रकार रेट कांट्रेक्ट के आधार पर बढ़ी हुई राशि से प्रतिस्पर्धा की दौड़ में छोटी कंपनियां बाहर होने की संभावना है।

विभाग की ओर से जारी निविदा में वर्ष 2020-21 के लिए एग्रीकल्चर, बायोपेप्टीसाइड, एगीकल्चर माइको न्यूट्रिएंस और हार्टीकल्चर प्रोड्यूस जिसमें फ्रूट बेजीटेबल्स, फ्लॉवर एवं मेडिसिन, फॉरेस्ट प्रोड्यूसिंग और ट्रेनिंग उपकरण के लिए नया रेट कांटे्रक्ट किया जा रहा है। वहीं कीटनाशक, खाद व बीज के लिए अर्नेस्ट मनी एक करोड़ कही न कहीं छोटे व्यापरियों को क्षति है।

पांच लाख से अधिक न हो अर्नेस्ट मनी

बीज निगम के द्वारा जारी टेंडर में अर्नेस्ट मनी 1 करोड़ 17 लाख, 75 व 48 लाख रुपए तक का रखा गया है। जबकि भंडार क्रय नियम के अनुसार अर्नेस्ट मनी कुल टर्न ओवर के दो प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। जारी हुए टेंडर की यह राशि छोटी कंपनियों के लिए रोकने का काम करेंगी। जबकि भंडार क्रय नियम 2002 के अनुसार स्पष्ट तौर पर लिखा है कि प्राकृतिक आपदा व कानून की विषम परिस्थितियों में बिना निविदा के अत्याश्यकता को पूरा करने क्रय किया जा सकता है। वहीं निगम ने कुछ कंपनियों को खुली छूट दी है।

पहले भी लग चुका है आरोप

हाल ही में कुछ दिन पहले छत्तीसगढ़ बीज निगम पर दो कंपनियों को लाभ पहुंचाने का आरोप लग चुका है। जानकारी के अनुसार निगम में 25 करोड़ से अधिक रुपये के धान टेंडर के बाद रेट कांट्रैक्ट की प्रसारण दरों की आड़ में कंपनियों को लाभ पहुंचाने का एक और बड़ा घोटाला सामने आया था। इसमें प्रदेश की दो कंपनियों के नाम सामने आए थे जिसमें सबसे पहले निगम ने हाइब्रिड धान आरसी 53 के टेंडर के बाद सभी कंपनियों के लिए 21 जून को नोटीफाइड की दरों पर काउंटर ऑफर जारी किया गया।

इसमें स्पष्ट रूप से दस्तावेजों में उल्लेख है कि राशि सीड्स प्राइवेट लिमिटेड के हाइब्रिड धान की किस्म सी आरओएच की दर 250 रुपये पर सहमति देने के लिए काउंटर ऑफर जारी किया गया था। चौंकाने वाली बात है कि इसमें सीओ 4 किस्म का उल्लेख ही नहीं था, क्योंकि यह किस्म का काउंटर ऑफर त्रिमूर्ति प्लांट को दिया गया था। लेकिन अधिकारियों की मिलीभगत से हाइब्रिड धान किस्म सीओ 4 दर का प्रसारण को गुपचुप तरीके से तरीके से राशि सीड्स को भी कर दिया गया।

सूत्रों के मुताबिक ये खेल बीज निगम में दो सालों से चल रहा है। जिस कंपनी से कमीशन अधिक मिलने की संभावना होती है, उस कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए निगम के अधिकारी से लेकर सत्ता के रसूखदारों की भूमिका रहती है। एक ही वेरायटी के काउंटर ऑफर की दर को चार बार निकालकर मनचाही कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए बीज निगम ने नियमों को ताक पर रखकर सरकार को करोड़ों रुपये की चपत लगाई।
बीज निगम ने खासमखास के लिए निकाला टेंडर, अर्नेस्ट मनी की राशि बढ़ाई हजार गुना, आपदा के समय टेंडर कैसे जारी कर सकते हैं

वर्सन

नियम का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है। अंतिम तिथि तक कंपनियां भाग ले सकती हैं। उसके बाद आयटम की सप्लाई की जाएगी।

नरेंद्र दुग्गा, आइएएस, संचालक, छत्तीसगढ़ बीज निगम