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खबर का असरः सोनोग्राफी सेंटर का अधिकारी ने लिया संज्ञान

 खबर का असरः सोनोग्राफी सेंटर का अधिकारी ने लिया संज्ञान

चांपा, 2 जनवरी। स्वास्थ्य विभाग की मेहरबानी से टेंट में संचालित हो रहा सोनोग्राफी सेंटर....मुख्य हेडिंग के अंतर्गत हमने प्रमुखता के साथ आज की जनधारा अखबार में समाचार का प्रकाशन किया था जिसमें तहसील रोड चांपा में टेंट के साए में गरीब असहाय मरीजों का ही नहीं बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए महिलाओं को ऐसी भारी असुविधा में सोनोग्राफी सेंटर का संचालन किया जा रहा है। 

 इस तरह का सोनोग्राफी सेंटरों का संचालन निस्संदेह स्वास्थ्य विभाग की मेहरबानी से ही संभव है यहां पर देखना होगा कि क्या आज के इस आधुनिक युग में इस प्रकार का महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक जांच किसी टेंट के साए में किया जाना चाहिए जोकि अनोखा ही नहीं भ्रष्टाचार का उदाहरण प्रस्तुत करता है यहां पर स्पष्ट कर दें कि चांपा के तहसील रोड कार्यालय में ऐसे ही कथित सोनोग्राफी सेंटर में भारी अव्यवस्था के बीच सोनोग्राफी सेंटर का संचालन किया जा रहा है जिसमें मरीज तथा परिजनों के साथ आए हुए छोटे मासूम बच्चों को धूल धाकड़ तथा भारी वाहनों की आवाजाही के बीच रोड के ऊपर बैठकर सोनोग्राफी सेंटर में अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है, जोकि जांजगीर-चांपा जिले के लिए किसी आठवें अजूबे से कम नहीं है ऐसा नहीं कि इसके पूर्व भी इस सोनोग्राफी सेंटर के नाम पर समाचार प्रकाशन ना हुआ हो और भी इस तरह के अव्यवस्था के बीच सोनोग्राफी सेंटर का संचालन को लेकर अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट किया गया था और जांच पड़ताल कर अधिकारी खानापूर्ति करने के लिए पहुंचे और चलते बने यहां पर देखना और समझना होगा कि क्या इस बार भी इस सोनोग्राफी सेंटर में जांच पड़ताल के लिए पहुंचने वाले अधिकारी केवल दिखावे और खाना पूर्ति के लिए जांच करने पहुंचे थे अथवा दर्शाए गए बिंदु के तहत जांच कार्यवाही की जाएगी। 

 यह तो आने वाला समय ही तय करेगा की मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी के द्वारा गठित दल के जांच अधिकारियों द्वारा किस  अंतरराष्ट्रीय स्तर मानकों के तहत जांच पड़ताल किया गया होगा जिसकी हम आगे पूरी जानकारी इसी समाचार पत्र के माध्यम से उपलब्ध कराएंगे , और भारी अव्यवस्था के बीच सोनोग्राफी सेंटर का संचालन किया जा रहा है, जो कि जगजाहिर है सोनोग्राफी सेंटर में ना तो मरीजों के लिए बैठने की पर्याप्त व्यवस्था है और ना ही स्वच्छ वातावरण ऐसे स्थिति में किस आधार पर स्वास्थ्य विभाग के द्वारा ऐसे  सोनोग्राफी सेंटरों को अनुमति प्रदान की जाती है यह बड़ा जांच का विषय है।