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पगडंडी के सहारे जिंदगी काटी ,अब बच्चो के भविष्य के लिए सड़क निर्माण की माँग को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौपा

 पगडंडी के सहारे जिंदगी काटी ,अब बच्चो के भविष्य के लिए सड़क निर्माण की माँग को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौपा

गरियाबंद।  जिले तहसील मुख्यालय मैनपुर में एक गांव ऐसा भी है जँहा के ग्रामीण आज भी किसी कार्य को लेकर मैनपुर तक आने के लिए पगडंडी का सहारा लेते है बाकी समय तो हालात ठीक रहते है लेकिन बारिश में खासी मशक्कत के सामना करना पड़ता है यह मैनपुर से महज 40 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत गौरगाँव के आश्रित ग्राम झोलाराव है जो कि मैनपुर जनपद के अंतर्गत आता है यँहा के ग्रामीणों का कहना है कि पगडंडियों के सहारे हमने तो अपनी जिंदगी गुजार ली । लेकिन अब बच्चो के अच्छे भविष्य को देखते हुए अब इस गांव को सड़क मार्ग से जोड़ने की दरकार महसूस होने लगी है अभी गांव से बाहर आना जाना करने पर कई तरह की परेशानियों के सामना करना पड़ता है बहुत मजबूरी होने पर ही कोई बाहरी व्यक्ति  गांव आता है और यँहा के लोग बाहर जाते है पक्की सड़क बनने के बाद सुगम और सरल मार्ग बन जाने पर हमारे गांव में अन्य गांवों की तरह सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध होंगे जिससे हमारे बच्चो के भविष्य का विकास होगा । इसी के चलते आज हमारे गांव के ग्रामीण सैकड़ो की संख्या में एकत्रित होकर मैनपुर पहुँच एसडीएम एसडीएम सूरज कुमार साहू एंव वन विभाग के परिक्षेत्र अधिकारी को मांगपत्र सौपकर जल्द से जल्द सड़क निर्माण की मांग की है । 

बारिश के समय बच्चो और गर्भवती महिलाओं को उठानी पड़ता है काफी परेशानी ।

ग्रामीणों ने अधिकारियों को बताया कि गौरगांव से लाटापारा झोलाराव तक सडक नही होने के कारण सैकडों ग्रामीणों को के पगडंडी रास्तों से आना जाना करना पडता है  लाटापारा से झोलाराव गरंजी जाने वाले कच्ची सडक मार्ग में लंबे समय से सडक निर्माण की मांग किया जा रहा है पगडंडी रास्ते के चलते सबसे ज्यादा दिक्कत गर्भवती महिलाओं को होती है, उन्हे कांवर में बिठाकर नदी पार करा गौरगांव तक लाना पड़ता है तब कही जाकर 40 किलोेमीटर दूर मैनपुर पहुँच पाते है।

प्रशासन के नियम कानून ही आड़े आ रहे इस गांव के विकास में । यँहा के ग्रामीणों का कहना है कि हम ग्रामवासी सड़क निर्माण की मांग काफी समय से करते आ रहे है लेकिन वन विभाग द्वारा इस गांव को वन ग्राम कहते हुए कसी भी तरह के सडक निर्माण करने की इजाजत नही दी जाती । 

जब सड़क निर्माण की बात आती है वन विभाग द्वारा रोक लगा दी जाती है जिसके कारण सैकडों ग्रामीणाें को भारी परेशानियों का सामना करना पड रहा है । गांव के उप सरपंच के समर्थन में उतरे जि.पं उपाध्यक्ष संजय नेताम । 

ग्राम पंचायत गौरगांव के उपसरंपच चरण सिंह ने बताया कि हमारा आदिवासी बाहुल्य गाँव छत्तीसगढ़ की अंतिम सीमा और ओड़िसा बार्डर होने के चलते स्थानीय ग्रामीणों के आना जाना करने काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है । ग्रामीणों की मांग को जायज बताते हुए जिपं उपाध्यक्ष संजय नेताम ने इसका समर्थन करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं तक इस बात को पहुँचाने की बात कही ।