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किसानों का बुरा हाल, कमीशन खोरी का अड्डा बना सहकारी बैंक भैयाथान

किसानों का बुरा हाल, कमीशन खोरी का अड्डा बना सहकारी बैंक भैयाथान

सुरजपुर। जिले के भैयाथान सहकारी बैंक में किसानों का बुरा हाल है। किसान सुबह से शाम तक बेचे गए धान के समर्थन मूल्य के राशि के लिए भटकने को मजबूर है। बैंक प्रबंधक किसानों के नाम से बिचौलियों के नाम से मनमाफिक राशि कमीशन खोरी करके दे रहे है। 

गौरतलब है कि सुरजपुर जिले के बैंक के उच्च अधिकारी के संरक्षण में खुले आम बिचौलियों को मन माफीक राशि दे रहे है। बिचौलियां किसानों के खाता में धान बेच कर राशि आहरण कर रहे है। किसानों ने नाम नही प्रकाशित करने के शर्त में बताया कि साहब सुबह 10 बजे से आकर बैठे हुए है। विड्रॉल भर दिए है। गार्ड ने विड्रॉल लिया है। ना जाने कब नम्बर आएगा कि हम पैसे लेकर घर जाएंगे। वहीँ घर मे कुछ जरूरी कार्य होने के कारण ज्यादा पैसे चाहिए किन्तु बैंक में कार्यरत कमर्चारी देने से मना करते हुए 10 हजार रुपये ही देने की बात कहा गया है।

अन्य किसान बताते है कि नाम हमारा नही छपियेगा नही तो बैंक प्रबंधक हमारे खाता में होल्ड लगा देंगे औऱ हम अपनी पैसे नही निकाल पाएंगे। साहू कार से ऋण लिए है। खेती के लिए सोचा पैसा मिलेगा तो वापस करेंगे किन्तु पैसे देते ही नही है। कई दिनों से बैंक के चक्कर लगा रहे है। जबकि बैंक में गिने चुने हुए लोग आते है। थैला लेकर अंदर घुसते है। और पैसे ले जाते है। हमारा नम्बर आते तक कहा जाता है। पैसे खत्म हो गया है। कल आना, कई दिनों से बैंक के चक्कर लगा रहे है। वहीं सूत्रों की माने तो बैंक में कमीशन खोरी का खेल बड़े स्तर में चल रहा है। कमीशन दो और मन माफीक पैसे ले जाओ नही दोगे तो बैंक के चक्कर लगाते रहिए। किसान कहते है कि हमारा रकबा में भी कटौती कर दिया गया है। ऊपर से धान के लिए मिले हुए राशि में भी कमीशन खोरी का खेल चल रहा है। 

वहीं बैक प्रबन्धक द्वारा बिचौलियों को किसान के नाम पर बैक एटियम, चेक बुक जारी कर दिया गया है। बिचौलिया किसानों के नाम से विड्रॉल में दस्तखत कराकर ले आते है। और मन माफीक राशि आहरण करते रहते है। जिसके एवज में 2-4 प्रतिशत की राशि बैक को कमीशन के तौर पर मिलता है। वहीं इस वर्ष हमाली के नाम से भी कुछ समितियों के नाम से राशि दे दी गई है। जबकि हमाल का सारा कार्य किसान कर रहे है। कई समिति ऐसे है जहां स्टेज तक नही बनाया गया है। तो तिरपाल तक उपलब्ध नही है। 

जब इस सम्बंध में भैयाथान बैक प्रबन्धक अजित सिंह से बात करने की कोसिस की गई तो पहले बात करने से इंकार करते हुए बदत्तमीजी करने लगे और अपने बैंक के नोडल से बात करने की बात कहे। साथ ही गार्ड के जरिये बाहर करने के आदेश भी मीडिया से दिए है।