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होम आइसोलेटेड मरीजों की काऊंसलिंग, कॉल करके पूछा जा रहा-कैसे हैं आप...

होम आइसोलेटेड मरीजों की काऊंसलिंग, कॉल करके पूछा जा रहा-कैसे हैं आप...

कोरोना संक्रमण की रोकथाम व इससे बचाव के लिए शिक्षकों की अग्रणी भूमिका
कवर्धा। कोरोना संक्रमण की रोकथाम व इससे बचाव के लिए जिले के शिक्षकों ने भी अग्रणी भूमिका निभाई है। शिक्षक साथियों के इस सेवाभाव से खासकर कोविड संक्रमित शिक्षकों को न सिर्फ प्रभावी संबल मिला है, बल्कि इससे वह काफी प्रेरित भी हैं। शिक्षक साथियों की सेवा से लाभान्वित शिक्षकों का कहना है, सेवा का यह नया स्वरूप वह कभी नहीं भूल पाएंगे। साथ ही हमेशा की तरह आगे भी जिला प्रशासन के कंधे से कंधा मिलाकर सेवा देंगे।
कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन की ओर से अनेक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। कोरोना की जद में आने वाले मरीजों के उपचार व देख-रेख के लिए भी पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा के निर्देशन व जिला पंचायत सीईओ विजय दयाराम के मार्गदर्शन में होम आइसोलेट कोरोना संक्रमित मरीजों की सहायता के लिए कोविड कंट्रोल रूम संचालित है। शुरुआत में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की सेवाएं मरीजों को कॉल करने के लिए ली जा रही थी, लेकिन बाद में मरीजों की संख्या को ध्यान में रखते हुए इसका विस्तार करते हुए शिक्षकों को भी इस सेवा से जोड़ दिया गया, जिसके बाद मरीजों को कॉल करके उनकी शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की जानकारी ले पाना अधिक आसान हो गया।
कोविड कंट्रोल के लिए सेवारत लगभग 14 शिक्षकों में कोविड संक्रमण पाए जाने के बाद वह स्वयं होम आइसोलेशन में हैं और अब उनकी काउंसलिंग के लिए उनके साथी शिक्षकों व स्वास्थ्य विभाग की टीम की ओर से कॉल किया जा रहा है। जब इस अनुभव के बारे में शिक्षकों से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा, वास्तव में जिला प्रशासन की मंशा और कोविड मरीजों के लिए संवेदनशीलता तब अधिक करीब से महसूस हुई जब उन्हें कोविड के बाद कंट्रोल रूम के कॉल से मानसिक सम्बल मिला। इस संबंध में शिक्षक थानसिंह पटेल ने कहा, कोरोना संक्रमण जैसे संकट के दौर में सेवा का अवसर मिलने से हम धन्य हो गए। होम आइसोलेशन में रहने वाले कोरोना संक्रमित शिक्षकों की काउंसिलिंग के जरिए लगातार देखभाल की जा रही है। साथ ही गंभीर श्रेणी के मरीजों को बेहतर उपचार की सुविधा देने का प्रयास किया जाता है। वहीं एक लाभार्थी शिक्षक ने कहा, हमारा हालचाल जानने के लिए जब कॉल आता है, तब महसूस होता है कि बीमारी के दौर में काउंसलिंग कितना मत्वपूर्ण होता है। शिक्षक साथियों के इस सेवाभाव की जितनी भी प्रशंषा की जाएए वह कम है।