नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स ने दो साल तक सरकारी विज्ञापनों पर रोक लगाये जाने की मांग की निंदा

नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स  ने दो साल तक सरकारी विज्ञापनों पर रोक लगाये जाने की मांग की निंदा

बागपत, 11 अप्रैल | नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) के राष्ट्रीय सचिव और उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन के प्रान्तीय महामंत्री प्रदीप शर्मा ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दो साल तक सरकारी विज्ञापनों पर रोक लगाये जाने वाले बयान कि कड़ी निंदा की है। शर्मा ने शनिवार को कहा कि पहले ही विज्ञापन न मिलने के कारण आर्थिक संकट झेल रहे बडी संख्या में छोटे और मझोले समाचार पत्रों को बंद करना पड़ रहा है वहीं दूसरी तरफ कोरोना महामारी के प्रकोप से भारी नुकसान पहुंचा है।यदि कांग्रेस अध्यक्ष के दो साल तक सरकारी विज्ञापनों पर रोक लगाने की मांग मानी गई तो बड़ी संख्या में अखबार और चैनल बंद हो जाएगें और हजारों लोग बेरोजगार हो जाएंगे।

प्रान्तीय महामंत्री ने कहा कि आज केंद्र और राज्य सरकारों से अखबारों और क्षेत्रीय चैनलों को पहले से बहुत कम विज्ञापन मिल रहा है।श्रीमती गांधी की गैर वाजिब मांग के बाद तो मीडिया जगत को बहुत बड़ा झटका लग सकता है।उन्होंने कहा कि बेहतर होता कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी सांसद तथा विधायकों को दो वर्ष तक वेतन और पेंशन नहीं दिए जाने की मांग करती। शर्मा ने कहा कि आज सभी राज्यों में पत्रकारों एवं समाचार पत्रों के समक्ष आर्थिक संकट पैदा हो गया है इसलिए नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) व उ0प्र0 जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन(उपजा) संगठन ने मांग की है कि केंद्र और राज्य सरकारें पत्रकारों व लधु एंव मध्यम समाचार पत्रों को शीघ्र आर्थिक पैकेज देने की घोषणा करें तथा समाचार पत्रों व टी.वी.चैनलो के बकाया विज्ञापन बिलों का शीघ्र भुगतान करें|