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कोरोना से ठीक होने के बाद हो रहा नया फंगल इंफेक्शन, जानें-लक्षण

 कोरोना से ठीक होने के बाद हो रहा नया फंगल इंफेक्शन, जानें-लक्षण

देश में अब तक ब्लैक फंगस के 11 हजार से ज्यादा मामले दर्ज किए जा चुके हैं. महाराष्ट्र और गुजरात बीमारी से सबसे बुरी तरह पीड़ित होने वाले राज्य हैं. अब, वडोदरा के डॉक्टरों ने एस्परगिलोसिस के नाम से जाना जानेवाला एक नए फंगल संक्रमण का पता लगाया है। कोरोना से ठीक होने के बाद भी कई मरीजों को तरह-तरह के इंफेक्शन से जूझना पड़ रहा है. ब्लैक फंगल के बाद एक और इंफेक्शन धीरे-धीरे अपने पैर पसार रहा है, जिसका नाम है एस्परजिलोसिस है. पिछले हफ्ते गुजरात के दो अस्पतालों में इसके मामले ज्यादा देखे गए हैं. ये इंफेक्शन भी कोरोना से रिकवरी के बाद हो रहा है. आइए जानते हैं एस्परजिलोसिस के लक्षणों के बारे में.

ये मामलों उन मरीजों में पाए जा रहे हैं जो कोविड-19 से ठीक हो चुके हैं या अभी भी संक्रमित हैं. हालांकि, व्हाइट और येलो फंगस ने बहुत ज्यादा मरीजों को चपेट में नहीं लिया है, लेकिन ब्लैक फंगस से करीब 11 हजार लोग संक्रमित बताए जा रहे हैं. बीमारी से सबसे बुरी तरह प्रभावित होनेवाले राज्य महाराष्ट्र और गुजरात हैं. लेकिन अब, ब्लैक फंगस की तरह एक नया फंगल संक्रमण एस्परगिलोसिस भी कोविड-19 से हाल ही में ठीक हो चुके लोगों के बीच दर्ज किया जा रहा है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वडोदरा के डॉक्टरों ने गुरुवार को एस्परगिलोसिस के 8 नए मामलों का पता लगाया है. सेंटर फोर डिजीज एंड प्रीवेंशन के मुताबिक, एक प्रकार के फफूंद की वजह से होनेवाला एस्परगिलोसिस एक संक्रमण है. ये संक्रमण आम तौर से श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है, लेकिन उसका लक्षण और गंभीरता अलग-अलग हो सकता है. 

किन लोगों को नए फंगल संक्रमण से ज्यादा खतरा है?

कमजोर सिस्टम या लंग की बीमारी वाले लोगों को उससे स्वास्थ्य समस्याओं की ज्यादा चिंता है. जानकारों का कहना है कि एस्परगिलस के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं में एलर्जी, लंग्स समेत शरीर के अंगों में संक्रमण शामिल है. कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग पल्मोनरी एस्परगिलोसिस संक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं. हालांकि, साइनस पल्मोनरी एस्परगिलोसिस अब तक दुर्लभ है. उसके अलावा, एस्परगिलोसिस उतना ज्यादा खतरनाक नहीं है जितना ब्लैक फंगस, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि ये घातक हो सकता है.

कोविड-19 मरीजों के बीच विभिन्न फंगल संक्रमणों के मामलों में वृद्धि के पीछे वजह स्ट्रेयॉड का इस्तेमाल और कमजोर इम्यूनिटी बताया जा रहा है. ऑक्सीजन आपूर्ति को हाइड्रेटिंग करने में इस्तेमाल होनेवाला गैर स्टेरील वाटर भी बीमारी के उभार का जिम्मेदार है. रिपोर्ट में बताया गया है कि एस्परगिलोसिस का सबसे गंभीर प्रकार उस वक्त होता है जब संक्रमण जल्दी लंग्स से लेकर ब्रेन, साइनस, हार्ट, किडनी या स्किन तक फैल गया हो.