आनलाइन मार्केंटिंग को लाकडाउन से छूट देना छोटे व्यवसायियों के साथ अन्याय : अर्जुनदास वासवानी

आनलाइन मार्केंटिंग को लाकडाउन से छूट देना छोटे व्यवसायियों के साथ अन्याय : अर्जुनदास वासवानी

रायपुर. रवि भवन व्यापारी संघ के संरक्षक अर्जुनदास वासवानी ने कहा है कि लॉकडाउन से आनलाइन मार्केंटिंग को छूट देना, स्थानीय व्यापारियों के साथ अन्याय है. इससे उनकी आर्थिक रीढ़ टूट जाएगी. होना तो ये चाहिए कि इस लॉकडाउन के पीरियड में बड़े पैमाने पर ट्रेस एंड टेस्ट होने चाहिए जैसा कि राहुल गांधी ने भी कहा है। राज्य सरकारों को भी टेस्ट किट खरीदने का अधिकार केंद्र सरकार को देना चाहिए ताकि राज्य सरकारें बड़े पैमाने पर टेस्ट कर सकें.

श्री वासवानी ने आगे कहा कि 21 दिनों का लॉकडाउन होने से पूरा व्यापार चौपट हो गया और छोटे व्यापारियों के सामने आर्थिक संकट छा गया है. गरीबों को तो सरकार की योजनाएं बचा लेंगी, बड़े उद्योगों को भी व्यापार करने की छूट दे दी गई है परंतु छोटे व्यवसायी, दुकानदार ये लोग क्या करेंगे या इनकी मदद के लिए सरकार क्या करने जा रही है. उन्होंने आगे कहा कि इतने लंबे लॉकडाउन के बाद अब ये प्रश्न उठ रहा है कि क्या लॉक डाउन ही कोरोना का सटीक इलाज है। जरूरी एहतियात बरतकर भी कोरोना का मुकाबला किया जा सकता है जैसे कि मास्क लगाना, सेनिटाइजर इस्तेमाल करना तथा सोशल डिस्टेंसिंग मैंटेन करना. फिर जब सरकार बड़े उद्योगों को छूट दे रही है तो मात्र कुछ एक कर्मचारियों के भरोसे चलने वाले छोटे व्यवसायों को संचालन की अनुमति क्यों नही दे रही.

रवि भवन व्यापारी संघ के संरक्षक अर्जुनदास वासवानी ने आगे कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था पहले ही नोटबन्दी और जीएसटी से तबाह हो चुकी थी और अब रही सही कसर ये कोरोना पूरा कर देगा। हमारे छत्तीसगढ़ का भाग्य है कि इस प्रदेश को भूपेश बघेल जैसा जुझारू मुख्यमंत्री मिला है जो विपक्ष में रहते हुए हमेशा गरीब जनता के लिए खड़े रहे परंतु भूपेश जी को बहुत सी बातों का ख्याल रखना होगा ।पीडीएस के द्वारा जो चावल गरीब जनता में बंटवाया जा रहा है, कही इसमें कोई बड़ा भ्रस्टाचार न हो। मानसून लगने के पहले राज्य की सफ़ाई व्यवस्था को पिछले सालों के मुकाबले ज्यादा दुरुस्त करना होगा। अत: श्री बघेल जी से निवेदन है कि चार दिनों में वो एक सशक्त योजना बनाकर 21 अप्रैल से लॉकडाउन को समाप्त करें ताकि इस प्रदेश की गरीब और मेहनती जनता अपने—अपने व्यवसाय में लगे.