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हार से दुखी कोहली ने दिया हिंट , टेस्ट टीम में गहराई लाने के लिए करने होंगे बड़े बदलाव

हार से दुखी कोहली ने दिया हिंट , टेस्ट टीम में गहराई लाने के लिए करने होंगे बड़े बदलाव

साउथम्पटन में खेले गए आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में न्यूजीलैंड ने भारत को 8 विकेट से हराया। इस हार के बाद टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली काफी निराश दिखे। उन्होंने कहा कि परफॉर्म करने के लिए टीम में सही मानसिकता वाले लोगों को लाने की जरुरत है। विराट के मुताबिक टेस्ट क्रिकेट का सेट-अप सफेद बॉल की तरह होना चाहिए जहां पर ऐसे कई खिलाड़ी हों जो उच्च स्तर पर जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार हों। कोहली ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फेंस में कहा कि हमें चीजों को बदलने के लिए एक साल का समय नहीं लगाना होगा और वनडे टी20 क्रिकेट की तरह टेस्ट क्रिकेट में भी गहराई लानी होगी।

विराट कोहली ने कहा "हम अपने पक्ष को मजबूत करने के लिए आवश्यक चीजों के बारे में आश्वस्त करना और बातचीत करना जारी रखेंगे। वहीं कुछ पैटर्न का पालन करने से बचेंगे। हम एक साल तक इंतजार नहीं करेंगे और आगे की योजना बनानी होगी। अगर आप हमारी सफेद गेंद की टीम को अभी देखें, तो हमारे पास काफी गहराई है और लोग तैयार और आश्वस्त हैं। टेस्ट क्रिकेट के साथ भी ऐसा ही करने की जरूरत है।"

उन्होंने आगे कहा "आपको पुनर्मूल्यांकन करना होगा और फिर से योजना बनानी होगी और समझना होगा कि टीम के लिए कौन सी गतिशीलता काम करती है और हम कैसे निडर हो सकते हैं। सही लोगों को साथ लाएं जिनके पास प्रदर्शन करने के लिए सही मानसिकता है। हमें निश्चित रूप से रन बनाने के तरीके को समझने के लिए बेहतर योजनाओं पर काम करने की आवश्यकता है। हमें खेल की गति के साथ तालमेल बिठाना होगा और खेल को बहुत अधिक दूर नहीं जाने देना होगा। मुझे नहीं लगता कि इस तरह की कोई तकनीकी कठिनाई है।

टेस्ट क्रिकेट के बारे में बात करते हुए कोहली ने कहा "यह खेल समझ और गेंदबाजों को को हमेशा प्रेशर में रखने के बारे में है और साथ ही गेंदबाजों को एक जगह पर लगातार गेंदबाजी करने की अनुमति भी नहीं देता जब तक मौसम खराब ना हो और गेंद स्विंग ना कर रही हो। जैसा कि हमने पहले दिन देखा था।"

उन्होंने बल्लेबाजों से सुनियोजित जोखिम लेने और क्रीज पर डटे रहने के बीच संतुलन बनाने के लिए कहा. उन्होंने कहा, ‘फोकस रन बनाने पर होना चाहिए, विकेट गंवाने की चिंता पर नहीं. इसी तरह से विरोधी टीम पर दबाव बना सकते हैं वरना आप आउट होने के डर से खेलेंगे. आपको सुनियोजित जोखिम लेना ही होगा.’