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सहकारिता विभाग के विस्तार अधिकारी सीईओ राजेंद्र कुमार मेहर और गिधपुरी समिति के प्रबन्धक फिरेंद्र साहू पर भ्रष्टाचार सहित कई गंभीर आरोप , प्रबंधक ने फर्जीवाडा कर कमाए करोड़ों रूपये

सहकारिता विभाग के विस्तार अधिकारी सीईओ राजेंद्र कुमार मेहर और गिधपुरी समिति के प्रबन्धक फिरेंद्र साहू पर भ्रष्टाचार सहित कई गंभीर आरोप , प्रबंधक ने फर्जीवाडा कर कमाए करोड़ों रूपये


सहकारिता विभाग के विस्तार अधिकारी सीईओ राजेंद्र कुमार मेहर और गिधपुरी समिति के प्रबन्धक फिरेंद्र साहू पर भ्रष्टाचार सहित कई गंभीर आरोप

                                                प्रबंधक ने फर्जीवाडा कर कमाए करोड़ों रूपये
 
  चमन प्रकाश केयर |
    आज की जनधारा 
रायपुर | एक तरफ छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के किसानो के हित में नीत नए योजना बनाकर किसानों को सबल बनाने में लगी हुयी है तो वही दूसरी तरफ जिन सरकारी महकमों के माध्यम से किसानों को सरकार की योजनओं को पहुँचाने की जिम्मेदारी है उन्ही अधिकारी कर्मचारियों के द्वारा किसानो का जमकर शोषण किया जा रहा है | ऐसा ही एक ताज़ा मामला सामने आया है जिसमें तेलासी के तात्कालिक समिति के अध्यक्ष झालाराम कनौजे,प्रबंधक फिरेन्द्र साहू पर फर्जीवाडा कर लाखों रूपये का भ्रष्टाचार किये जाने का आरोप लगा है | इसकी शिकायत सहकारिता विभाग के सहायक पंजीयक उमेश गुप्ता के पास की गयी है |


आज की जनधारा को मिली दस्तावेज़ों के मुताबिक बलौदाबाज़ार जिले अंतर्गत तेलासी के ग्रामीण सेवा सहकारी समिति मर्यादित पंजीयन क्रमांक 1533 के 22 दिसंबर 2016 को समर्थन मूल्य पर हुयी धान खरीदी केंद्र में बोरे की सिलाई, छल्ली, हेमालों, सहित अन्य पर की गयी खर्च के लिए समिति बैठक हुई | जिसमें समिति के अध्यक्ष झालाराम कनौजे, समिति प्रबंधक फिरेन्द्र साहू, संचालक मंडल के सदस्य कमलनाराय साहू, जोहरन ध्रुव, दीपक साहू, मेमिन, एवं सुखचंद जांगडे, ने उपार्जन केंद्र में दो लाख रूपये खर्च के लिए प्रस्ताव लाया गया था | जिसमें समिति के अध्यक्ष झालाराम कनौजे, और प्रबंधक फिरेन्द्र साहू ने संचालक मंडल की बैठक समाप्त होने के बाद लाखों रूपये गबन करने की मंशा से दो लाख तीन सौ नब्बे रूपये को ओवर राइटिंग कर तीन लाख तीन सौ नब्बे रूपये कर चेक के माध्यम से आहरण कर लिया |


समिति प्रबंधक फिरेन्द्र साहू द्वारा जारी प्रस्ताव क्रमांक पांच में तीन लाख तीन सौ नब्बे रूपये राशि आहरण करने का जिक्र  करते हुए कहा है कि समिति के अध्यक्ष झालाराम कनौजे, प्रबंधक एवं एक संचालक सदस्य ने कार्यवाही विवरण में संयुक्त हस्ताक्षर करने बाद सहकारी बैंक कोदवा में तात्कालिक पर्यवेक्षक से प्रस्ताव की जाँच करायी गई | इसके बाद भी पर्यवेक्षक ने चेक और फर्जी तरीके से प्रस्ताव विवरण में की गई छेड़छाड़ पर भी कोई आपत्ति नही की और दो लाख को ओवर रायटिंग कर तीन लाख रूपये लिखकर बैंक से पैसे निकाल लिए  | 


शिकायतकर्ता एवं जनप्रतिधि शैलेन्द्र करसायल ने बताया कि तात्कालिक अध्यक्ष झालाराम कनौजे, और प्रबंधक फिरेंद्र साहू ने मिलीभगत कर कई सालों से फर्जीवाडा कर करोड़ों रूपये ग्रामीण सेवा सहकारी समिति का गबन कर लिए है | जिसका जीता जगाता उदहारण धोखाधड़ी का दस्तावेज प्रमाण स्वरूप है | वहीं जब इसकी भनक हम ग्रामीणों को हुई तो प्रबंधक फिरेंद्र साहू ने सहकारिता विभाग के विस्तार आधिकारी एवं समिति के प्राधिकृत अध्यक्ष राजेंद्र कुमार मेहर से मिलीभगत कर प्रबंधक फिरेन्द्र साहू को गिधपुरी समिति पंजीयन क्रमांक 219 का प्रभार दे दिये | उन्होंने बताया कि अप्रैल 2021 में शासन द्वारा तेलासी समिति से गिधपुरी को अलग कर एक नया समिति का निर्माण किया गया जिसमें सदस्यों की संख्या कम होने की वजह से गिधपुरी समिति गठन होते ही भंग हो गयी | जिसका प्राधिकृत अध्यक्ष के तौर पर सहकारिता विभाग के विस्तार अधिकारी राजेंद्र कुमार मेहर को बनाया गया |


शैलेन्द्र करसायल ने विस्तार अधिकारी राजेंद्र कुमार मेहर पर आरोप लगाते कहा कि जिस समय गिधपुरी को तेलासी से अलग किया गया तब तात्कालिन समय में तेलासी समिति में कुल छह संचालक मंडल के सदस्य थे | वहीं तत्कालीन समय में संचालक मंडल की बैठक हुई थी जिसमें  पूरे सदस्य शामिल होने के बाद भी सीईओ राजेंद्र कुमार मेहर ने मनमानी करते हुए कुछ संचालक मंडल के सदस्यों और प्रबंधक फिरेन्द्र साहू से मिलीभगत कर शासन के नियम विरुद्ध जाकर फिरेन्द्र साहू को गिधपुरी समिति का प्रभारी प्रबंधक बना दिए | जबकि फिरेन्द्र साहू  तेलासी समिति का प्रबंधक था |
 
शैलेन्द्र करसायल ने बताया कि ग्रामीण सेवा सहकारी समिति गिधपुरी का गठन के बाद से ही प्रभारी प्रबंधक फिरेंद्र साहू को शासन द्वारा प्रति माह महज़ आठ से दस हजार रूपये वेतन पाने वाले कर्मचारी ने कुछ ही सालों ने कई करोड़ों रूपये की आसामी खड़ा कर लिए है | उन्होंने बताया कि प्रति वर्ष लाखों रूपये की कई एकड़ महंगी ज़मीने खरीदने की शौक़ीन है | इसके अलावा अपनी पत्नी बच्चों एवं खुद के नाम पर कई जगहों पर प्लाट, दुकान, मकान, सहित कई वाहनों की मालिक बन बैठे है जिसकी बारीकी से जाँच कराये जाने की मांग की गयी है | प्रबंधक फिरेन्द्र साहू की इतने कम समय और कम वेतन पाने वाले कर्मचारी जो अवैध सम्पत्ति के मालिक बन गये है इसकी शिकायत भी आगे चलकर ई ओ डब्लू और एंटी करप्शन ब्यूरो के आई जी आरिफ शेख के पास की जाएगी |

वर्सन 
मैंने कहीं कोई गड़बड़ी नही की है संचालक मंडल के सदस्यों के जानकारी में ही पैसे निकाला गया है । रही बात गिधपुरी समिति के प्रबंधक बनाने का तो प्राधिकृत अधिकारी राजेन्द्र कुमार मेहर और सुपरवाइजर आर के वर्मा और  सदस्यों ने मुझे प्रबंधक बनाया है।
फिरेन्द्र साहू , प्रबंधक गिधपुरी समिति

वर्सन
विभागीय कार्य नियमानुसार किया जाता है , आपको कोई जानकारी चाहिए तो समिति या संबंधित विभाग से ले लीजिये।
मैं इस बारे में कुछ नही बोलूंगा ।
राजेंद्र कुमार मेहर, विस्तार अधिकारी एवं प्राधिकृत अध्यक्ष सहकारिता विभाग 

 
वर्सन,
गिधपुरी समिति के प्रबन्धक के खिलाफ फर्जीवाडा कर गबन करने की शिकायत की आयी है इसकी जाँच टीम बनाकर कार्यवाही की जाएगी और दोषी पाए जाने पर बर्खास्त करने के साथ ही पुलिस में एफआईआर दर्ज कराया जायेगा |
उमेश गुप्ता, सहयक पंजीयक, सहकारिता विभाग बलौदाबाज़ार