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मां के आंचल का राजनीति में उपयोग दुर्भाग्यजनक - कुसुम दुबे

मां के आंचल का राजनीति में  उपयोग दुर्भाग्यजनक - कुसुम दुबे

महिला आयोग को सरकारी भवन तक नहीं दी थी 15 वर्षीय भाजपा सरकार

राजनांदगांव, 22 फरवरी। छ ग प्रदेश महिला कांग्रेस सचिव एवं शहर कांग्रेस की कार्यकारिणी सदस्य अधिवक्ता कुसुम दुबे ने भाजपा की मातृशक्ति स्वाभिमान धरना प्रदर्शन पर पलटवार करते हुए  कही की जिस मंच पर भाजपा के पुरूष नेता महिलाओं को पीछे बिठाए उस मंच से मातृशक्ति की बात करना मुद्दा विहीन भाजपा की नौटंकी के अलावा कुछ नहीं है। क्योंकि पूरे देश मे उत्कृष्ट कार्य के लिए छ ग राज्य महिला आयोग का सम्मान कांग्रेस की ही उपलब्धि है।

 प्रदेश महिला कांग्रेस सचिव श्रीमती कुसुम दुबे ने  भाजपा महिला मोर्चा की बहनो को अवगत कराया कि गर्भाशय कांड,झलियामारी कांड, भाजपा पदाधिकारी की मानव तस्करी में संलिप्तता, यहां तक पूर्व मुख्यमंत्री के ओएसडी भी घृणित अपराध के आरोपी है वो किस आधार पर नारी स्वभिमान की बात करती है ।महिला आयोग को सरकारी भवन ना देकर आयोग के प्रति भाजपा सरकार की नकारात्मक सोंच ही थी और निजी भवन मालिक को लाभ पहुंचाने सरकारी कोष का बंदरबांट ही किया था।

आज छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल जी के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार जनता की सरकार के रूप में स्थापित हो गई है गोधन योजना से महिला समूहों को बढ़ावा सहित अन्य प्रमाण केंद्र की भाजपा सरकार ने अनेकों पुरस्कार प्रदान कर प्रमाणित किया है उसके बाद भी मात्र अपनी राजनीति को जिंदा रखने के लिए महिलाओं बच्चियों के नाम का सहारा लेना कतई उचित नही है ।15 वर्षीय भाजपा सरकार में भारत माता वाहिनी, महिला कमांडो की दुर्गति किसी से छिपी नही है मात्र महिलाओं को अपने सत्ता हथियाने का माध्यम बनाया था भाजपा सरकार रहते महिला कमांडो की बहनों को भाजपा सरकार सुरक्षा प्रदान करने में असफल थी भाजपा कार्यकाल में अपहरण के मामलों से छ ग शर्मसार थी और भाजपा की सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी थी राजधानी रायपुर में राज्यसभा सांसद सरोज पांडे ने साड़ी के आंचल का जिस प्रकार से राजनीति में सत्ता पाने का लिए उपयोग करने की बात कही उससे उनकी राजनीतिक स्वार्थ और भाजपा की छोटी मानसिकता प्रदर्शित होती है मातृशक्ति स्वाभिमान मार्च के नाम पर भाजपा सिर्फ और सिर्फ व्यक्तिगत आरोप तक सीमित रह गई थी। भाजपाई बहने गैस के दाम कम करने व आवश्यक वस्तु अधिनियम संशोधन बिल को केंद्र सरकार से वापस लेने की मांग कर अपनी जागरूकता का परिचय देती तो अच्छा होता।