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कांग्रेस नेता ने पीएम को भेजी चाय की केतली याद दिलाया बयान, नरेंद्र मोदी ने कहा था- चाय की दुकान खोल सकता हूं, पर ये देश परेशान नहीं होना चाहिए

कांग्रेस नेता ने पीएम को भेजी चाय की केतली याद दिलाया बयान, नरेंद्र मोदी ने कहा था- चाय की दुकान खोल सकता हूं, पर ये देश परेशान नहीं होना चाहिए

 रायपुर | कोरोना के गहराते संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विपक्ष का हमला तीखा होने लगा है। युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुबोध हरितवाल ने गुरुवार को ई-काॅमर्स के जरिए प्रधानमंत्री को चाय की केतली भेजी है। ऐसा करके कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री को ठीक सात वर्ष पहले देश में मजबूत सरकार की मांग करते हुए दिए गए एक बयान की याद दिलाई है।

युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुबोध हरितवाल ने कहा, गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए नरेंद्र मोदी ने 2014 में आज ही के दिन 29 अप्रैल को सोशल मीडिया के जरिए एक बयान दिया था। उसमें उन्होंने कहा था, “भारत को एक मजबूत सरकार की जरूरत है। मोदी मायने नही रखता। मैं कभी भी वापस जाकर चाय को दुकान खोल सकता हूं पर ये देश परेशान नही होना चाहिए।”सुबोध ने कहा, इसी बयान की याद दिलाते हुए मैंने उन्हें एक केतली भेजी है। आज देश वाकई में बहुत परेशान है। एक-एक व्यक्ति कोरोना के माध्यम से होने वाली तकलीफों से जूझ रहा है। ऑक्सीजन की कमी, वैक्सीन की सप्लाई में देरी, रेमडेसिविर समेत जीवन रक्षक दवाइयों की कमी समेत देश अनेक परेशानियों से दुखी है। उनसे निवेदन किया है, थोड़ी भी मानवता बची हो तो तत्काल इस्तीफा देकर देश को राहत प्रदान करें। सुबोध हरितवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री चाय की दुकान खोलते हैं तो आजीवन उसका खर्च वे उठाएंगे।

प्रधानमंत्री आवास के पते पर भेजी केतली

कांग्रेस नेता ने ई-कॉमर्स वेबसाइट के जरिए यह केतली प्रधानमंत्री आवास के 7-लोक कल्याण मार्ग के पते पर भेजी है। इसे 4 मई तक पहुंचना है। स्टील की इस केतली में 14 कप चाय बन सकती है। कांग्रेस नेता ने केतली तो भेजी है लेकिन उसका भुगतान नहीं किया है। इसे डिलीवरी के बाद पेमेंट वाले विकल्प से बुक किया गया है।

लोकसभा चुनाव से पहले CM ने आइना भेजा था

2019 के लोकसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री को आइना भेजकर इस तरह का विरोध दर्ज कराया था। उस समय इसकी काफी चर्चा हुई। बाद में भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को आइना भेजकर इसका जवाब दिया। उसके बाद ई-कॉमर्स कंपनियां ऐसे हमलों का नया हथियार बन गई है।