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ब्रेकिंग : वैक्सीन बरबाद करने वाले राज्यों पर केन्द्र सख्त..चेताया कि वेक्सीन की बर्बादी करने वाले राज्यों के आवंटन में होगी कटौती! केंद्र ने जारी किये नये गाइडलाइंस..जानें सब कुछ

ब्रेकिंग : वैक्सीन बरबाद करने वाले राज्यों पर केन्द्र सख्त..चेताया कि वेक्सीन की बर्बादी करने वाले राज्यों के आवंटन में होगी कटौती! केंद्र ने जारी किये नये गाइडलाइंस..जानें सब कुछ

नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से सभी के लिए फ्री टीका की घोषणा के एक दिन बाद ही केंद्र सरकार ने कोरोना वैक्सीन की खरीद और उन्हें राज्यों को वितरित करने के लिए नये गाइडलाइंस जारी कर दिये हैं. मंगलवार को राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के लिए संशोधित दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं. नये गाइडलाइंस के अनुसार, केंद्र द्वारा मुफ्त में दी जाने वाली वैक्सीन की खुराक अब राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उनकी आबादी, बीमारी के मामले और टीकाकरण अभियान की प्रगति जैसे मानदंडों के आधार पर आवंटित की जायेगी.

इस फैसले को दो हफ्ते में यानी कि 21 जून तक लागू कर दिया जायेगा. केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने संशोधित दिशा-निर्देशों में कहा कि वैक्सीन की बर्बादी आवंटन को नकारात्मक रूप से प्रभावित करेगी. इसका मतलब यह हुआ कि जिन राज्यों में वैक्सीन की ज्यादा बर्बादी हो रही है उनके आवंटन को कम किया जा सकता है.

हेल्थ वर्कर्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स, 45 वर्ष से अधिक आयु के लोग, जिनकी दूसरी डोज बकाया है और 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों को केंद्र द्वारा राज्यों को प्रदान की जाने वाली मुफ्त वैक्सीन खुराक में प्राथमिकता दी जायेगी. 18 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों के जनसंख्या समूह के भीतर, राज्य / केंद्रशासित प्रदेश वैक्सीन आपूर्ति कार्यक्रम में अपनी प्राथमिकता तय कर सकते हैं. यह छूट राज्यों को दी गयी है.

प्रधानमंत्री मोदी ने एक केंद्रीकृत वैक्सीन अभियान की घोषणा करते हुए कहा कि केंद्र देश में निर्माताओं द्वारा उत्पादित किए जा रहे 75 प्रतिशत टीकों की खरीद करेगा. इसका मतलब यह हुआ कि केंद्र 25 प्रतिशत कोविड-19 टीके भी खरीदेगा जो राज्यों द्वारा किये जाने थे. पीएम मोदी ने यह भी कहा कि निजी अस्पतालों के द्वारा सीधे खरीदे जा रहे 25 फीसदी टीकों की व्यवस्था जारी रहेगी.


प्राइवेट अस्पतालों में की जायेगी कीमतों की निगरानी

नये गाइडलाइंस में कहा गया है कि राज्य सरकारें निगरानी करेंगी कि निजी अस्पतालों द्वारा टीकों की निर्धारित कीमत पर केवल 150 रुपये का सेवा शुल्क लगाया जा रहा है. इससे ज्यादा पैसे वसूलने वालों पर कार्रवाई की जाए. हर कोई, चाहे उनकी आय कुछ भी हो, मुफ्त टीकाकरण का हकदार है और जो भुगतान करने की क्षमता रखते हैं उन्हें निजी अस्पताल के टीकाकरण केंद्रों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए.

आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को गैर हस्तांतरणीय इलेक्ट्रानिक वाउचर उपलब्ध कराया जायेगा. इससे वैसे लोग प्राइवेट अस्पतालों में भी टीकाकरण करा सकेंगे. एक बार इस्तेमाल के बाद वाउचर की वैद्यता समाप्त हो जायेगी. सरकार ने कहा कि लोक कल्याण की भावना को बढ़ावा देने के लिए ऐसा किया जा रहा है. साथ ही सरकार की मंशा स्पष्ट है कि कम समय में सभी का वैक्सीनेशन हो सके.
अब ऑन स्पॉट होगा रजिस्ट्रेशन और स्लॉट बुकिंग

सभी सरकारी और निजी टीकाकरण केंद्र व्यक्तियों के साथ-साथ व्यक्तियों के समूहों के लिए ऑनसाइट पंजीकरण सुविधा भी प्रदान किया जायेगा. जिसके लिए नागरिकों को किसी भी असुविधा को कम करने के लिए राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा विस्तृत प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है. अभी 18 प्लस के लोगों के लिए कई राज्यों में स्लॉट बुकिंग के बाद ही टीकाकरण का नियम बनाया गया है. अब ऑन स्पोट रजिस्ट्रेशन से कम पढ़े लिखे लोगों को काफी फायदा मिलेगा.
राज्यों के पास अब भी 1 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन के डोज उपलब्ध