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बच्चों को न्याय सुनिश्चित करने के लिए जस्टिस फॉर एवरी चाइल्‍ड

बच्चों को न्याय सुनिश्चित करने के लिए जस्टिस फॉर एवरी चाइल्‍ड

नई दिल्ली,17 मार्च। बाल अधिकारों के संगठन ‘कैलाश सत्यार्थी चिल्‍ड्रेन्‍स फाउंडेशन’ यौन शोषण और दुष्कर्म के शिकार बच्चों और उनके परिवारों को तय समय पर न्याय, स्वास्थ्य सहायता और पुनर्वास सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए देशव्‍यापी ‘जस्टिस फॉर एवरी चाइल्‍ड’ अभियान की शुरुआत करने जा रहा है।

संगठन ने बुधवार को यहां जारी बयान में बताया कि 21 मार्च को शुरू होने वाला यह अभियान एक वर्ष तक चलेगा। यह अभियान देश के उन 100 जिलों में चलाया जाएगा जो बाल उत्पीड़न और बच्चों के दुष्कर्म के दृष्टिकोण से अति संवेदनशील हैं। अभियान के सरोकार और उद्देश्‍यों से लोगों को अवगत कराने के लिए हिंदी फिल्‍मों के मशहूर अभिनेता और निर्देशक फरहान अख्‍तर इस अभियान से बतौर ब्रांड एम्बेसडर शामिल हुए हैं।

इस अवसर पर फरहान अख्‍तर ने बाल यौन शोषण की भयावहता को राष्ट्रीय आपातकाल की संज्ञा देते हुए कहा, “भारत में हर घंटे तीन बच्चों के साथ दुष्कर्म होता है और पांच बच्‍चे यौन उत्‍पीड़न के शिकार होते हैं। उन्‍हें न्याय के लिए लम्‍बा संघर्ष करना पड़ता है, जो उन्‍हें जीवनभर पीड़ा देने का काम करता है। यह एक राष्ट्रीय आपातकाल है और बच्चों को हमारी मदद की आवश्यकता है।”

संस्थान का कहना है कि देश में बच्चों के यौन शोषण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है। बच्चों के शोषण पर रोक लगाने के खिलाफ बने कानून पॉक्सो अधिनियम के अनुसार एक निश्चित समय में जांच प्रकिया पूरी कर पीड़ितों को न्याय दिलाने का प्रावधान है, लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा है। अभियान का उद्देश्य कम से कम 5000 मामलों में बच्‍चों को तय समय में त्वरित न्‍याय दिलाना है। इस अवधि के दौरान संस्थान यौन शोषण और दुष्कर्म के पीड़ित बच्‍चों को कानूनी और स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं, पुनर्वास, शिक्षा और कौशल विकास के अवसरों की सुविधाएं प्रदान करेगा। बाल यौन शोषण के पीड़ितों और उनके परिवारों को विशेष रूप से मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य सहायता भी मुहैया कराई जाएगी। इस दौरान लोगों को ‘बाल मित्र’ बनाने की प्रक्रिया के तहत न्यायपालिका और प्रशासनिक प्रणालियों से संबंधित पक्षधारकों को संवेदनशील बनाने के लिए बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण कार्यशालाओं का भी आयोजन करेगा।