विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने नक्सली हिंसा पीड़ित बच्चों में जगाई शिक्षा की आस दिलवाई मोबाइल और पाठ्य पुस्तकें

विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने नक्सली हिंसा पीड़ित बच्चों में जगाई शिक्षा की आस दिलवाई मोबाइल और पाठ्य पुस्तकें

जगदलपुर, 15 सितंबर। नक्सली हिंसा पीड़ित बीजापुर जिले के आवापल्ली विकास खंड के दो भाईयों संतोष ईरपा एवं भीमसेन ईरपा को उस वक्त यह सुखद आश्चर्य हुआ जब वे आज जगदलपुर स्थित विधायक कार्यालय में अपनी ऑनलाइन शिक्षा के लिए मोबाइल की आस लिए पहुंचे थे और वहां उनके समस्या का तत्काल समाधान करते हुए मोबाइल एवं पाठयपुस्तक उपलब्ध हो गया। 

वर्तमान कोरोनावायरस महामारी के समय जहां स्कूल कालेज सभी बंद हैं आनलाइन पढ़ाई ही एक मात्र सहारा है ऐसे में गरीब घरों के बच्चों के लिए बिना स्मार्ट फोन के यह संभव नहीं हो पा रहा है ऐसे समय में विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन बीजापुर जिला के नक्सली हिंसा पीड़ित दो भाईयों के लिए आशा की किरण बनकर सामने आए जब आवापल्ली ब्लाक के संतोष ईरपा एवं भीमसेन ईरपा जो की बिलासपुर के एकलव विद्यालय के छात्र हैं। तथा 2009 में इनके पिता की हत्या नक्सलियों ने कर दी थी तथा इसी सदमें में उनकी माता की भी मृत्यु हो गई थी तथा ये सभी सात भाई तीन माह मजदूरी कर अपनी पढ़ाई कर रहे हैं ऐसे में जब 12वीं और 10वीं पढ़ने वाले इन छात्रों को पता चला कि आनलाइन पढ़ाई आरंभ हो गई है तो वे निराश हो गए क्योंकि उनके पास मोबाइल फोन खरीदने को पैसे नहीं थे ऐसे में उनके किसी शिक्षक ने उन्हें विधायक जगदलपुर रेखचंद जैन से संपर्क करने की सलाह दी जिसपर वे आज विधायक कार्यालय जगदलपुर पहुंचे थे जिसपर विधायक जगदलपुर ने तत्काल बीजापुर कलेक्टर रितेश अग्रवाल से चर्चा कर दोनों भाईयों को स्मार्ट फोन एवं आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त विवेक दलेला से बात कर पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध करवा दी। 

नक्सली हिंसा पीड़ित बच्चों से चर्चा करते हुए विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने उन्हें कहा की भविष्य में भी यदि उनके पढ़ाई में किसी तरह की दिक्कत हो तो वे बेझिझक संपर्क करें विधायक जगदलपुर ने दोनों बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना की। 

विदित हो कि विधायक रेखचंद जैन के संसदीय सचिव बनने के बाद से ना केवल बस्तर जिले वरण संभाग के लोग भी अपनी अपनी समस्या लेकर विधायक कार्यालय जगदलपुर आ रहे हैं, जहां उनकी सभी समस्याओं का समाधान करने का प्रयास संसदीय सचिव रेखचंद जैन कर रहे हैं।