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नगरनार इस्पात संयंत्र के निजीकरण के खिलाफ शासकीय संकल्प सर्वसम्मति से पारित

 नगरनार इस्पात संयंत्र के निजीकरण के खिलाफ शासकीय संकल्प सर्वसम्मति से पारित

रायपुर । छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज  नगरनार के नीजिकरण मामले पर सर्वसम्मति से शासकीय संकल्प प्रस्ताव पारित कर दिया। हालांकि इस प्रस्ताव पर सत्ता और विपक्षी सदस्यों के बीच कुछ मसलों को लेकर जमकर बहस भी हुई, लेकिन अंत में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित हो गया। 

विधानसभा में लाये गये शासकीय संकल्प प्रस्ताव पर हुई चर्चा के दौरान विपक्ष ने कई सवाल किये। भाजपा सदस्यों ने कहा कि  डिसइंवेस्टमेंट हो रहा है इसका कहीं कोई प्रमाण ही नही है, तो इस प्रस्ताव पर चर्चा कैसे होगी।

इस के बाद चर्चा के बीच सदस्य अजय चंद्राकर और शिवरतन शर्मा ने चुनौती के अंदाज में कहा कि आप यह क्यों नही कहते कि, यदि ऐसा है तो छत्तीसगढ़ सरकार खरीदेगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने झट से इसे स्वीकारा और प्रतिप्रश्न किया कि ठीक है, हमारी सरकार इसे खरीदेगी आप प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकार करेंगे। इस पर भाजपा अजय चंद्राकर ने कहा कि हम बिलकुल सर्वसम्मति देंगे आप प्रस्ताव के शब्द बदलिए उसमें दर्ज करिये कि यदि डिसइंवेस्टमेंट होता है तो छत्तीसगढ़ सरकार इसे खरीदेगी।

इसके तुरंत बाद मुख्यमंत्री बघेल ने सदस्य अजय चंद्राकर के द्वारा किए आग्रह को स्वीकारते हुए इन शब्दों में प्रस्ताव दिया कि यदि केंद्र सरकार नगरनार में डिसइंवेस्टमेंट करती है तो छत्तीसगढ़ सरकार इसे खरीदेगी।  इसके बाद इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। इस प्रस्ताव के पारित होने के बाद मुख्यमंत्री सभी सदस्यों का आभार जताते हुए कहा कि यह सर्वसम्मति बताती है कि हमारी राजनैतिक सोच जो भी हो लेकिन हम सब छत्तीसगढ़ के हितों के लिए एक है।