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ब्रेकिंग : कोरोना से ज्यादा मौतें सड़क दुर्घटना में, सालभर में 4017 लोगों ने गंवाई जानें, कोरोना से 3212 लोगों ने, विधानसभा में गृहमंत्री का जवाब

ब्रेकिंग : कोरोना से ज्यादा मौतें सड़क दुर्घटना में, सालभर में 4017 लोगों ने गंवाई जानें, कोरोना से 3212 लोगों ने, विधानसभा में गृहमंत्री का जवाब
  • अनिल द्विवेदी

रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र में आज कोरोना वायरस का मुददा उठा जिसमें स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव और विपक्ष के बीच नोंक झोंक हुई. विपक्ष का आरोप था कि अन्य दूसरे छोटे—बड़े राज्यों की अपेक्षा छत्तीसगढ़ सरकार कोरोना संक्रमण को रोक पाने में बुरी तरह विफल हुई है जिसकी गवाही आंकड़े दे रहे हैं. यहां पर हुई मौतों का आंकड़ा अन्य राज्यों के मुकाबले ज्यादा भयावह है.

हालांकि सारे आरोपों को स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव ने यह कहते हुए ध्वस्त कर दिया कि जो लोग कोरोना पर सरकार को घेरना चाहते हैं, वे खुद मास्क लगाकर चर्चा नही कर रहे. उसके बाद सदन में सन्नाटा फैल गया. सभी विधायक अपना अपना मास्क देखने लगे. स्वास्थ्य विभाग द्वारा पेश आंकड़ों के मुताबिक कोरोना वायरस से प्रदेश में मरने वालों की संख्या 3212 है.

कोरोना से ज्यादा मौतें सड़क दुर्घटना में

कांग्रेस विधायक सत्यनारायण शर्मा द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में खुलासा हुआ है कि कोरोना काल में भी सड़क दुर्घटना से हुई मौतों में कमी नही आई है. श्री शर्मा ने सवाल पूछा था कि गृहमंत्री कृपया यह बताएं कि प्रदेश में 01 जनवरी 2020 से 30.11.2020 तक सड़क हादसों में कितने लोगों की मौतें हुईं.

इसका जवाब देते हुए गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने बताया कि कुल 4017 लोगों की मौत सड़क दुर्घटना में हुई तथा 9409 लोग घायल हुए हैं. आश्चर्य कि सड़क दुर्घटना में हुई मौत का आंकड़ा, कोरोना से हुई मौतों से ज्यादा है. स्वास्थ्य विभाग के अधिकृत आंकड़ों के मुताबिक राज्य में कोरोना से 3212 लोगों की मौत हुई है.

विपक्ष की ओर से भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने इस मुददे पर सरकार को घेरा. अग्रवाल का आरोप था कि स्वास्थ्य विभाग के अफसर यदि गंभीर होते और लापरवाही ना करते तो कोरोना संक्रमण और उससे हुई मौतों को रोका जा सकता था. इस पर स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने कहा कि यह सही नही है बल्कि कोरोना महामारी से निबटने में स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने दिन—रात एक कर दिए. बहुत से डॉक्टरों ने अपनी जान गंवाई है.

मंत्री के इस जवाब पर श्री अग्रवाल ने प्रतिप्रश्न किया कि बजट की कमी और स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ ना मिलने से भी कोरोना महामारी बढ़ी. यदि अफसरों ने ईमानदारी से काम किया होता तो मौतों का आंकड़ा घटते क्रम में होता. अग्रवाल ने कई बड़े—छोटे राज्यों का आंकड़ा सामने रखते हुए कहा कि जिन राज्यों की आबादी 10 करोड़ से ज्यादा है, वहां भी कोरोना से मौतें, छत्तीसगढ़ की अपेक्षा कम हुई हैं. इस चर्चा में भाजपा विधायक अजय चंद्राकर और विधायक शिवरतन शर्मा ने भी अपनी बात रखी.