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रात के अंधेरे में जलाया जा रहा है हानिकारक बायो-मेडिकल कचरा, कोरोना काल के इस कठिन समय में लोगों की परेशानियां

रात के अंधेरे में जलाया जा रहा है हानिकारक बायो-मेडिकल कचरा, कोरोना काल के इस कठिन समय में लोगों की परेशानियां


रायपुर, 8 मई। कोरोना काल के इस कठिन समय में लोगों की परेशानियां कम होती नहीं दिख रही हैं एवं निजी लैब हानिकारक बायो मेडिकल  रात के अंधेरे में जलाया करते हैं। मेडिकल वेस्ट के निपटारे के लिए शासन ,प्रशासन ,स्वास्थ्य विभाग एवं नगर निगम ने बहुत सारे दिशा निर्देश और व्यवस्थाएं की हैं लेकिन ऐसा लगता है कि यह सब व्यवसाय एवं नियम कानून केवल कागजी हैं जमीन पर इसकी किसी तरह भी कार्यवाही होते नहीं दिखती है इसका साक्षात उदाहरण रायपुरा में महादेव घाट रोड स्थित जगन्नाथ हॉस्पिटल के सामने "लेब केयर डायग्नोस्टिक्स" सरस बिहार, रायपुरा है । 

यहां के डाक्टर और उनके कर्मचारियों के द्वारा प्रतिदिन बगल की खाली जमीन में मेडिकल वेस्ट जलाया जाता है आस- पड़ोस के लोगों के द्वारा मांस और रक्त के जलने की बदबू ,भयानक काला धुआं तथा आग फैलने के खतरे को देखते हुए कई बार उनसे अनुरोध किया गया कि कृपया मेडिकल वेस्ट यहां ना जलाऐ और शासकीय निर्देशानुसार इसका निपटारा करवाएं लेकिन वे इस बात को अनसुना करते हैं और मेडिकल वेस्ट को उसी जगह खुले में रिहायशी इलाके में जलाया जाता है ।हानिकारक कचरे के जलने से होने वाले धुएं से अनेक तरह की गंभीर बीमारियां होती हैं जैसे कि स्वास रोग, कैंसर, चर्म रोग इत्यादि। बार-बार शिकायत करने के बाद भी कोई भी कार्यवाही नहीं की गई है . ।उल्लेखनीय है की जगन्नाथ हॉस्पिटल जो कि इसके ठीक सामने हैं को कोविड केयर सेंटर के रूप में मान्यता प्राप्त है और यहां पर कोरोना के मरीज लगातार भर्ती रहते हैं और उनका आना जाना लगा रहता है साथ ही बगल में बचपन हॉस्पिटल भी है और यह दोनों हॉस्पिटल के बीच में यह पैथोलैब इस तरह की हरकतें करता है और यह पूरा एक रिहायशी इलाका है यहां पर पैथोलैब को इस तरह की गतिविधियों के लिए कैसे शासन ने अनुमति प्रदान की है यह भी एक प्रश्नवाचक चिन्ह पैदा करता है.

 संबंधित अधिकारियों को चाहिए कि इस समस्या को तुरंत रोका जाए और आस-पड़ोस के लोगों के स्वास्थ्य और सामने अस्पतालों के मरीजों के स्वास्थ्य को देखते हुए मेडिकल वेस्ट के समुचित निपटान के लिए उन्हें निर्देशित किया जाए और इस तरह की गतिविधियां भविष्य में दोबारा ना हो इसके लिए  नियमानुसार दंडात्मक कार्यवाही भी किया जाए।