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मेडिकल काॅलेज में प्रवेश दिलाने के नाम पर देश भर में ठगी करने वाले पटना गिरोह का सदस्य गिरफ्तार

मेडिकल काॅलेज में प्रवेश दिलाने के नाम पर देश भर में ठगी करने वाले पटना गिरोह का सदस्य गिरफ्तार

भिलाई, 21 मार्च। मेडिकल काॅलेज में प्रवेश दिलाने के नाम पर देश भर में ठगी करने वाले पटना गिरोह का सदस्य  विद्यानंद वर्मा उर्फ विश्वजीत पुलिस की गिरफ्त में आया। मेडिकल काॅलेजों में प्रवेश दिलाने के नाम पर देश भर में लोगों को झांसे में लेकर बनाते है अपना शिकार। आरोपी है मूलतः पटना बिहार का निवासी। आरोपियों द्वारा गिरोह बनाकर मेडिकल काॅलेजों में प्रवेश दिलाने के नाम पर किया जाता है लोगों से लाखों रूपये की ठगी। आरोपियों द्वारा गिरोह बनाकर मेडिकल काॅलेजों में प्रवेश दिलाने के नाम पर किया जाता है लोगों से लाखों रूपये की ठगी। मेडिकल कालेज में प्रवेश दिलाने का झांसा देकर प्रार्थिया से किये है 8,00,000/- रूपये की ठगी। सायबर सेल की टीम द्वारा पकड़ा गया आरोपी विद्यानंद वर्मा उर्फ विश्वजीत को। आरोपी के कब्जे से 01 नग मोबाईल फोन एवं नगदी 3,000/- रूपये किया गया है जप्त।

प्रार्थिया बबीता संजय साहू ने थाना पंडरी में रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसकी पुत्री आंचल साहू दिनांक 13.09.2020 को नीट परीक्षा में सम्मिलित हुई थी। परीक्षा दिलाने के बाद दिनांक 08.09.2020 को मोबाईल नंबर 7011223911 से प्रार्थिया के माबाईल नंबर पर काॅल आया मोबाईल धारक ने स्वयं का नाम सुरेन्द्र कुमार कामत होना बताया तथा प्रार्थिया की पुत्री आंचल साहू का किसी भी काॅलेज में पेमेंट शीट में एडमिशन करा देना कहा। दिनांक 16.10.20 को नीट का परीक्षा परिणाम घोषित हुआ। प्रार्थिया की पुत्री ने एम.सी.सी. की साईट पर काउंसिलिंग करने फार्म भरी थी एवं 2,00,000/- रूपये के एम.सी.सी. के साईट में फीस जमा की थी। फीस जमा करने पश्चात् प्रथम चरण के सीट आबंटन में आरू पडिया वीडू मेडिकल काॅलेज पाण्डुचेरी में प्रार्थिया की पुत्री आंचल का सीट आबंटित हुआ था। उसी दौरान सुरेन्द्र कामत ने कम पैसे में रिम्स काॅलेज रायपुर में एडमिशन दिलाने की बात कहा तथा इस हेतु सुरेन्द्र कामत ने 1,00,000/- रूपये की मांग किया। जिस पर प्रार्थिया ने सुरेन्द्र कामत के बैंक खाता में 1,00,000/- रूपये स्थानांतरित किया। द्वितीय चरण के काउंसिलिंग में प्रार्थिया की पुत्री आंचल का सीट श्री सिद्धार्थ मेडिकल काॅलेज तूमकुर कर्नाटका में आबंटित हुआ था कि सुरेन्द्र कामत ने रिम्स काॅलेज रायपुर की सीट को कन्फर्म होना बताकर कर्नाटका में एडमिशन लेने से मना कर दिया। दिनांक 20.11.2020 को सुरेन्द्र कामत ने रिम्स काॅलेज रायपुर में प्रार्थिया की पुत्री को एडमिशन दिला देने का आश्वासन देकर दिनांक 20.11.2020 को प्रार्थिया के घर का पता पूछकर सुरेन्द्र कामत और विद्यानंद वर्मा उर्फ वीरेन्द्र प्रार्थिया के निवास अविवा गार्डन पहुंचकर प्रार्थिसा से नगदी 7,00,000/- रूपये प्राप्त किये और विश्वजीत नामक व्यक्ति से मुलाकाता कराया। विश्वजीत ने 8,00,000/- रूपये प्राप्त होने अभिस्वीकृति देकर रिम्स काॅलेज में एडमिशन दिला देने आश्वासन दिया। सुरेन्द्र कामत, विद्यानंद वर्मा उर्फ वीरेन्द्र एवं विश्वजीत शाह द्वारा प्रार्थिया की पुत्री आंचल को रिम्स काॅलेज रायपुर में प्रवेश दिलाने के नाम पर प्रार्थिया से नगदी 8,00,000/- रूपये प्राप्त कर ठगी कर धोखाधड़ी किया गया। जिस पर आरोपियों के विरूद्ध थाना पंडरी में अपराध क्रमांक 44/21 धारा 420, 34 भादवि. का अपराध पंजीबद्ध किया गया।  

मेडिकल काॅलेज मंे प्रवेश दिलाने के नाम पर लाखों रूपये प्राप्त कर ठगी करने की घटना को पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय यादव द्वारा गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर लखन पटले, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध अभिषेक माहेश्वरी, नगर पुलिस अधीक्षक सिविल लाईन नसर सिद्धकी, प्रभारी सायबर सेल रमाकांत साहू एवं थाना प्रभारी पंडरी याकूब मेमन को अज्ञात आरोपियों की पतासाजी कर गिरफ्तार करने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। जिस पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में सायबर सेल की टीम द्वारा अज्ञात आरोपियों की पतासाजी प्रारंभ किया गया। घटना व आरोपियों के हुलियों के संबंध में प्रार्थिया सहित उसके घर के अन्य सदस्यों से विस्तृत पूछताछ किया गया। टीम के सदस्यों द्वारा प्रार्थिया के मोबाईल फोन पर जिन नंबरों से फोन आया था उन नंबरों का तकनीकी विश्लेषण करने के साथ ही अज्ञात आरोपियों द्वारा दिये गये बैंक एकाउंट नंबर जिसमें प्रार्थिया द्वारा रकम जमा किया गया था के संबंध में जानकारी एकत्र कर बैंक खाता से संबंधित दस्तावेज एवं आरोपियों के अन्य दस्तावेज प्राप्त किये गये। मोबाईल नंबर एवं बैंक संबंधी दस्तावेजों एवं अन्य दस्तावेजों का मिलान कर विश्लेषित करते हुये टीम के सदस्यों को अज्ञात आरोपियों की पहचान सुनिश्चित करने में सफलता मिली एवं आरोपियों की उपस्थिति बिहार के पटना में होना पाया गया। जिस पर सायबर सेल के उपनिरीक्षक अमित कश्यप के नेतृत्व में 04 सदस्यीय टीम को पटना (बिहार) रवाना किया गया। 

टीम के सदस्यों द्वारा पटना पहुंचकर आरोपियों की पतासाजी करते हुये प्रकरण में संलिप्त अंतर्राज्यीय आरोपी विद्यानंद वर्मा उर्फ विश्वजीत को गिरफ्तार किया गया। प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर टीम के सदस्यों द्वारा आरोपी से कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी द्वारा अपने साथी सुरेन्द्र कामत एवं विश्वजीत शाह के साथ मिलकर प्रार्थिया की पुत्री आंचल को मेडिकल काॅलेज में प्रवेश दिलाने के नाम पर प्रार्थिया से 8,00,000/- रूपये प्राप्त कर ठगी करना स्वीकार किया गया। आरोपी की निशानदेही पर उसके कब्जे से अपराध से संबंधित 01 नग मोबाईल फोन एवं नगदी 3,000/- रूपये जप्त किया गया है। आरोपी विद्यानंद वर्मा उर्फ विश्वजीत को गिरफ्तार कर उसके विरूद्ध थाना पंडरी में अग्रिम कार्यवाही किया गया।

    गिरफ्तार आरोपी विद्यानंद वर्मा उर्फ विश्वजीत से घटना में संलिप्त फरार आरोपी सुरेन्द्र कामत एवं विश्वजीत शाह के संबंध में पूछताछ की जाकर दोनों फरार आरोपियों की लगातार पतासाजी की जाकर उनकी गिरफ्तारी के हर संभव प्रयास किये जा रहे है। गिरफ्तार आरोपी विद्यानंद वर्मा उर्फ विश्वजीत द्वारा अपने गिरोह के सदस्यों के साथ मिलकर देश भर में मेड़िकल कालेज में प्रवेश दिलाने के नाम पर लोगों को अपने झांसे में लेकर लाखों रूपये की ठगी करना बताया गया है।

आरोपियों द्वारा मेडिकल परीक्षा देने वालों का रोल नम्बर व उनसे संबंधित अन्य सम्पूर्ण जानकारी कोचिंग सेंटरो, ऑन लाईन और अन्य माध्यमों से प्राप्त किया जाता है एवं लोगों से संपर्क कर उन्हें उनकी इच्छानुसार मेडिकल कॉलेजो में प्रवेश दिलाने का झांसा देते हुए उनका भरोसा जीत लिया जाता है इसके बाद आरोपियों द्वारा उन्हें अपना शिकार बनाते हुए उनसे किश्तो में लाखो रुपये प्राप्त कर  ठगी किया जाता है।

गिरफ्तार आरोपी -  विद्यानंद वर्मा उर्फ विश्वजीत पिता नागेश्वर वर्मा उम्र 42 साल निवासी नार्थ जयप्रकाश नगर शिव मंदिर रोड पोस्ट आशियाना नगर थाना राजीव नगर जिला पटना (बिहार)।

आरोपी को गिरफ्तार करने में सायबर सेल से उपनिरीक्षक अमित कश्यप, प्र.आर. मार्तण्ड सिंह, आर. विजय पटेल, नोहर देशमुख एवं धनंजय गोस्वामी की महत्वूपर्ण भूमिंका रहीं।