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सूरजपुर breaking : चार अधिकारियों को कार्यालय में बंद कर किया जा रहा है आंदोलन

 सूरजपुर breaking : चार अधिकारियों को कार्यालय में बंद कर किया जा रहा है आंदोलन

यूनियन वेरिफिकेशन के दौरान उपजे विवाद को लेकर बीएमएस का प्रदर्शन

सूरजपुर। एसईसीएल भटगांव क्षेत्र के नवापारा भूमिगत परियोजना में यूनियन वेरिफिकेशन के दौरान दो पक्षों में जमकर मारपीट हुई। घटना के उपरांत दोनों पक्षों ने चौकी पहुंचकर अपनी अपनी शिकायत दर्ज कराते हुए कार्रवाई की मांग की है। वही बीएमएस यूनियन के द्वारा उपजे विवाद को लेकर खान परिसर में तालाबंदी कर धरना प्रदर्शन कर प्रबंधन से कार्रवाई की मांग कर रही है। 

जानकारी के अनुसार  एसईसीएल भटगांव क्षेत्र के विभिन्न खदानों में इन दिनों यूनियन वेरिफिकेशन का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। वही आज वेरिफिकेशन के दूसरे दिन एसईसीएल भटगांव क्षेत्र के नवापारा भूमिगत परियोजना में पहले दिन के भाँति बड़े हर्षोल्लास के बीच क्षेत्र के पंजीकृत ट्रेड यूनियन एचएमएस बीएमएस एटक इंटक के पदाधिकारियों के द्वारा अपने पक्ष में श्रमिकों को कन्वेंस कर ट्रेड यूनियन की रसीद कटवाने हेतु प्रेरित किया जा रहा था इसी बीच माइंस में कार्यरत शिवमंगल सिंह के द्वारा खान मैनेजर के कार्यालय पहुंचकर मैनेजर के असिस्टेंट सुनील श्रीवास्तव से गाली गलौज कर विवाद पर उतारू हो गया देखते ही देखते दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि शिवमंगल सिंह के द्वारा बगल में रखे डंडे से वार कर उसके शरीर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया गया जिससे वहां उपस्थित लोगों के द्वारा बीच-बचाव कर मामले को शांत किया गया। घटना के उपरांत लहूलुहान अवस्था में सुनील श्रीवास्तव को अन्य लोगों की सहायता से पुलिस चौकी लटोरी लाकर एफआईआर दर्ज कराया गया। 

वही सुनील श्रीवास्तव का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की उपस्थिति में किया जा रहा है। वही शिवमंगल सिंह ने भी लटोरी चौकी पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराया है। खान परिसर में उपजे विवाद को लेकर बीएमएस ट्रेड यूनियन के पदाधिकारियों एवं श्रमिकों के द्वारा हल्ला बोलते हुए  खान मैनेजर के कार्यालय में तालाबंदी कर धरना प्रदर्शन पर बैठे हुए हैं। आक्रोशित श्रमिकों ने आरोप लगाया कि घटना के समय उपस्थित अधिकारी मुखदर्शक के रूप में बैठे रहे। किसी ने भी आगे आकर बीच बचाव नहीं किया घटना के पश्चात पीड़ित व्यक्ति को हॉस्पिटल ले जाने हेतु एंबुलेंस ड्राइवर की खोजबीन होती रही परंतु कार्यस्थल पर एंबुलेंस ड्राइवर के नहीं होने के कारण अन्य श्रमिक साथियों के द्वारा पीड़ित व्यक्ति को हॉस्पिटल तक ले जाया गया। जिससे वे काफी आहत हुए हैं और उन्होंने मांग की है कि जब तक क्लर्क शिवमंगल सिंह एवं एंबुलेंस ड्राइवर द्वारिका जायसवाल के खिलाफ कार्रवाई कर स्थानांतरण नहीं किया जाता उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा और साथ उन 65 कर्मचारियों को प्रबंधन के द्वारा इन लीगल तौर पर सरफेस में रखकर कार्य कराया जा रहा है उन सभी कर्मचारियों का एमएलसी कराई जावे एवं एमएलसी उपरांत स्वस्थ व्यक्ति को तत्काल माइंड के अंदर भेजा जाने के आश्वासन के उपरांत ही धरना प्रदर्शन समाप्त करने की बात पर अड़े हुए हैं। वही घटना के संदर्भ में सुनील श्रीवास्तव ने यह आरोप लगाया है कि शिवमंगल सिंह की नौकरी भूमि अधिग्रहण के तहत लगी हुई है। उन्हें शक है कि मेरे द्वारा उनकी फर्जी नौकरी को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई है। जिसके कारण उनके द्वारा आज मेरे ऊपर जानलेवा हमला किया गया है। जिसे मेरे पैर पर गंभीर चोटे आई है। यह पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व भी उनका विवादों के साथ नाता रहा है हाल ही में माइंस में पदस्थ गार्ड से भी इनका विवाद हुआ था गार्ड ने भी लिखित में शिकायत प्रबंधन से की थी। परंतु इनके ऊपर कार्रवाई नहीं होने के कारण इनके हौसले बुलंद है। 

प्रबंधन के ऊपर लगे गंभीर आरोप।

आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रबंधन के द्वारा 65 अंदरग्राउंड कार्यरत कर्मचारियों से पैसा की अवैध उगाही कर गैर कानूनी ढंग से उनसे सरफेस का काम कराया जा रहा है। जोकि डीजीएमएस सर्कुलर के विरुद्ध है। वही ऐसे कर्मचारियों को बकायदा अंडर ग्राउंड अलाउंस भी वेतन के साथ मिल रही है। जिसे एसईसीएल प्रबंधन के ऐसे कृत्य से कंपनी को प्रति महीने लाखों रुपए की हानि हो रही है। जिसके दस्तावेज उनके पास उपलब्ध है। 


चार अधिकारियों को किया गया बंद।

आक्रोशित कर्मचारियों के द्वारा घटना के समय मुखदर्शक के रूप में कार्यालय में मौजूद पार्थव रॉय उपक्षेत्रीय प्रबंधक कल्याणी, व्ही पी सेठी क्षेत्रीय कार्मिक प्रबंधक भटगांव,राहुल दहिया कार्मिक प्रबंधक भटगांव, राजकुमार खान मैनेजर नवापारा को आंदोलनकारियों ने कार्यालय के अंदर बंद कर आंदोलन किया जा रहा है।