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गरीब विद्यार्थियों को शिक्षा से वंचित करने की योजना बनाई है केंद्र सरकार : नीरज पाण्डेय

गरीब विद्यार्थियों को शिक्षा से वंचित करने की योजना बनाई है केंद्र सरकार :  नीरज पाण्डेय

 शिक्षा के निजीकरण से गरीब विद्यार्थी अध्ययन से वंचित  

एनएसयूआई का शिक्षा बचाओ देश बचाओ अभियान आज से शुरू 

रायपुर। केन्द्र सरकार द्वारा जब पूरा देश कोरोना के कहर से पीडि़त था, देश में लॉकडाउन लगा हुआ था उस दौरान नई शिक्षा नीति बनाकर शिक्षा के निजीकरण को बढ़ावा दिया गया। काशी विश्व विद्यालय वाराणसी उत्तर प्रदेश में  अंबानी परिवार की बहु को उच्च पद प्रदाय कर केन्द्र सरकार ने साबित किया कि वह शिक्षा का निजीकरण कर गरीब समुदाय के विद्यार्थियों को शिक्षा से वंचित करने की योजना बनाई है।

उक्त आरोप प्रेस क्लब रायपुर में आयोजित पत्रकारवार्ता में एनएसयूआई छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष नीरज पाण्डेय ने केन्द्र सरकार पर लगाया। पत्रकारवार्ता में पाण्डेय ने बताया कि मोदी सरकार की शिक्षा नीति सिर्फ अमीरों के लिए  उच्च शिक्षा के द्वार खोलती है, जबकि गरीब वर्ग का विद्यार्थी महंगी फीस होने की वजह से उच्च शिक्षा से वंचित किया गया है।

उन्होंने कहा कि एनएसयूआई छत्तीसगढ़ प्रदेश आज शिक्षा बचाओं देश बचाओं का अभियान प्रारंभ कर रही है। अभियान के तहत सभी  निजी विद्यालयों में पहुंचकर केन्द्र सरकार की नई शिक्षा नीति के विरोध में विद्यार्थियों को विरोध के लिए जानकारी दी जाएगा। उन्होंने बताया कि बीजेपी सरकार का निजीकरण नौकरिया, आरक्षण,व भविष्य कब बरबाद कर देगा।

सरकारी क्षेत्र के निजीकरण से सरकारी नौकरियां खत्म हो जाएंगी। जिसके चलते डिग्र्रीधारी युवा रोजगार के लिए सड़कों पर भटकते रहेंगे। एसएससी नीट, जेईई जैसी परीक्षाओं में हुए घोटाले सरकार की मंशा को प्रकट करते हैं, मोदी सरकार छात्र विरोधी है। 

एनएसयूआई केन्द्र सरकार से केन्द्रीय एवं प्रांतीय प्रतियोगी परीक्षाओं में आयु सीमा में कोरोना काल की वजह से दो वर्ष छूट की मांग करती है। पत्रकारवार्ता में अमित शर्मा, अमित, हनी बग्गा, हेमंत पाल, कृष्णा सोनकर एवं अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।