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कोई नारी टोनही/ डायन नहीं- -डॉ दिनेश मिश्र

कोई नारी टोनही/ डायन नहीं- -डॉ दिनेश मिश्र


राजनांदगांव में टोनही के सन्देह में हत्या निंदनीय 

#अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ दिनेश मिश्र ने  बताया  उन्हें जानकारी मिली है राजनांदगांव  जिले के मोहला क्षेत्र के कुल्हारदोह गाँव में रहने वाली  महिला  को कुछ ग्रामीणों द्वारा  जादू टोने के सन्देह में प्रताड़ित किया जाता था,

जानकारी मिली है कि  ग्राम कुल्हारदोह निवासी संजीत कुमार सोरी की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। युवक की मौत होने के बाद मृतक के परिजन गांव में रहने वाली सुपोतिन बाई सोरी पर टोनही का संदेह करते थे तथा युवक की मृत्यु व वाहन दुर्घटना का कारण उक्त महिला के द्वारा किया कथित जादू टोना मानते थे. 10 जून को  जब सुपोतिन बाई एक उन्हें   रास्ते में मिली तब उन्होंने फिर अपने छोटे बेटे की मृत्यु का जिम्मेदार बताते हुए उसके साथ गाली गलौज की और  डंडे से उसकी बेदम पिटाई कर दी। पिटाई से सुपोतिन बाई के सिर,व अन्य अंगों में  गंभीर चोट आई थी।

बाद में उसे  को प्राथमिक उपचार हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र  मोहला में भर्ती किया गया।  तथा बाद में  उस  महिला को मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव में भेजा गया.जहॉं सुपोतिन बाई की मृत्यु हो गयी 

अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ दिनेश मिश्र ने  टोनही के सन्देह में एक बुजुर्ग महिला की हत्या   की कड़ी निंदा करते हुए प्रशासन से इस मामले में कड़ी कार्यवाही की मांग की है.

21 वी सदी में ऐसी घटनाएं प्रगतिशील व सभ्य समाज के लिए अत्यंत शर्मनाक हैं. दुर्घटनाओं का कारण जादू टोना मानना अंधविश्वास है 

मनुष्य एवम पशुओं की बीमारियों,व मृत्यु  के अलग अलग कारण होते हैं ,कोई भी प्राणी संक्रमण,कुपोषण अथवा दुर्घटना से बीमार होता है.संक्रमण बैक्टेरिया, वायरस, फंगस से होता है जिसका उसी के अनुसार उपचार किया जाता है कुपोषण, से मुक्ति के लिए सन्तुलित आहार, और दुर्घटनाओं से बचने के लिए वाहन चालन में सावधानी बरतना चाहिए, लापरवाही, अनियंत्रित स्पीड,नशे की हालत में वाहन चालन करने से दुर्घटनाओं की आशंका अधिक होती है जिनसे सावधानी से बचा जा सकता है .नजर लगने, जादू टोने जैसी मान्यताये भ्रामक व अंधविश्वास हैं ,जिन पर ग्रामीणों को विश्वास नहीं करना चाहिए. 

डॉ . दिनेश मिश्र ने कहा , जादू टोने का कोई अस्तित्व नहीं होता .तथा कोई नारी टोनही /डायन नहीं होती,यह सिर्फ मन का भ्रम,और सिर्फ अंधविश्वास  है, इस कारण   किसी भी निर्दोष  पर  डायन/ टोनही होने का सन्देह करना, उसे  प्रताड़ित करना  ,हत्या करना शर्मनाक  तथा गम्भीर अपराध है . 

 डॉ मिश्र ने कहा हमारी प्रशासन  से मांग है कि इस मामले पूर्ण जाँच कर  उस महिला की प्रताड़ना में   शामिल  रहे सभी दोषियों  कड़ी  सजा मिले ,तथा निर्दोष प्रभावित   परिवार को उपचार न्याय,मुआवजा मिल  सके.


(लेखक नेत्र विशेषज्ञ व अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति. छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष हैं)