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रेत माफियो के सामने बेबस प्रशासन, आठ बिंदुओं पर जांच की मांग

रेत माफियो के सामने बेबस प्रशासन, आठ बिंदुओं पर जांच की मांग

भानुप्रतापपुर। चवेला रेतघाट पर रेत माफियो के द्वारा नियम कायदे को दरकिनार करते हुए बलपूर्वक प्रतिदिन 70 से 80 हाइवा रेत निकाला जा रहा है। रेत माफियों की ऊंची पहुच होने के कारण जिला व स्थानीय प्रशासन भी उनके आगे नतमस्तक दिखाई दे रहे है। 8 बिन्दुओ पर जांच के लिए 8 अप्रैल को एसडीएम भानुप्रतापपुर को ज्ञापन सौपते हुए जांच व रेत खदान पर रोक लगाने की मांग की गई थी, लेकिन आज पर्यन्त तक रेत उत्खनन पर रोक नही लगा सकी।


शिकायतकर्ता दीपक शर्मा ने बताया कि मेरे द्वारा निन्म बिन्दुओ पर जाँच की माँग की गई खदान में सही से सीमांकन नहीं किया गया है , और न ही एरिया को चिन्हांकित किया गया है । ठेकेदार के द्वारा 2019 से अब तक लीज़ एरिया एवं लीज़ एरिया के बाहर से ही खोदाई कर रेत निकाल कर निकासी किया जा रहा है । माईनिंग प्लांट के तहत कार्य प्रतीत नहीं हो रहा है , माईनिंग कार्य की जांच की जावे । 

पर्यावरण स्वीकृति के लिये जमा की गई दस्तावेजों में प्लांटेशन का जिक्र किया गया है , जो कि ठेकेदार के द्वारा प्लांटेशन से संबंधित दस्तावेज जमा किये गये है , वे सब गलत है जो फोटोग्राफ्स जमा किये गये हैं । वह फोटोग्राफ्स पूर्व वन मण्डल के मियावाकी प्लांटेशन का है ।ठेकेदार के द्वारा संध्याकाल 06 बजे के बाद रेत खनन कार्य व बुलाई कार्य किया जा रहा है , जो नियम के विरुद्ध है । 10 घन मीटर के अनुज्ञा पत्र में 25 घन मीटर के ऊपर ले जाया जा है ।माईनिंग कार्य मेनुअल पद्धति से कार्य हेतु प्रदाय किया गया है लेकिन चेन मॉन्टेन से किया जा रहा है जो नियम के विरूद्ध है ।

कार्यालय कलेक्टर खनिज शाखा के आदेश पत्र क्र . 820 खनिज रेत रिवाईज ऑप्शन 2021-22 दिनांक 30.11.2021 में उल्लेखित अनुबंध स्पादन हेतु समस्त आवश्यक दस्तावेज की जांच की जावे ।8 अप्रैल 2022 को एसडीएम भानुप्रतापपुर कार्यालय में लिखित शिकायत कर जांच के सम्बंध में प्रस्तुत किया गया।

एक ओर शासन अवैध रेत उत्खनन पर रोक लगाने की बात कहती  है वही दूसरी ओर शासन प्रशासन रेत माफियो को खुली संरक्षण दिए जा रहे है। देखा जाय तो नियम कायदे केवल छोटे वर्ग तक सीमित रहता है। जिसका जीता जागता उदाहरण चवेला रेतघाट है।