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राज्य बजट पर कांग्रेस-भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया, भाजपा नेता छगन मूंदड़ा, सीए अमित ​चिमनानी और कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला की प्रतिक्रिया

राज्य बजट पर कांग्रेस-भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया, भाजपा नेता छगन मूंदड़ा, सीए अमित ​चिमनानी और कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला की प्रतिक्रिया

रायपुर. विधानसभा में आज मुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री भूपेश बघेल ने राज्य का बजट पेश किया. इस पर कांग्रेस-भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया इस प्रकार रहीं :

प्रदेश सरकार की बजट में न चिंतन है न ही मंथन : छगन मुंदड़ा



रायपुर. छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष छगन मुंदड़ा ने कहा कि किसी भी राज्य के विकास में औद्योगिक विकास की जरूरत होती है लेकिन प्रदेश सरकार के इस बजट में औद्योगिक विकास पर कभी भी चर्चा नही है। औद्योगिक विकास के लिये बजट को लेकर चिंता नही किये जाने से औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को निराशा हाथ लगी है।  इस कोरोना काल के बाद औद्योगिक विकास के ठोस नीति बनाने जरूरत है। ताकी स्वरोजगार का सृजन हो सके। लेकिन कही भी इस पर जोर नही दिया गया है। इस बजट में न तो चिंतन है न ही मंथन है। उन्होंने कहा कि बजट के पर हर वर्ग की समग्र चिंता होनी थी लेकिन आमजनों की हित की चर्चा पूरे बजट में नही है। जिससे विकास को लेकर कार्य करने की जरूरत है उसकी छवि बजट पर देखी जा सकती है। परन्तु राज्य सरकार ने बजट में कही भी विकास को प्राथमिकता नही दिया है। इससे स्पष्ट है कि राज्य के विकास की गति थम जायेगी और इसके लिये कौन जिम्मेदार होगा।


बजट राज्य के विकास को नई दिशा देगा - सुशील आनंद शुक्ला

रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा प्रस्तुत किया गया बजट राज्य के विकास के नए आयाम को गढ़ेगा। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपने बजट में राज्य के हर वर्ग का ध्यान रखा है। इस बजट से जहाँ ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी वही शहरी क्षेत्र के विकास के नए आयाम खुलेंगे। राजीव गांधी किसान न्याय योजना में सीमांत और भूमिहीन कृषकों को शामिल करने से प्रदेश का एक बहुत बड़ा वर्ग लाभान्वित होगा। मत्स्य पालन को कृषि के बराबर का दर्जा देकर मुख्यमंत्री ने मछली पालन के क्षेत्र में विकास की नई सम्भावनाये खुलेगा। सी मार्ट के माध्यम से राज्य के हस्तशिल्पियों को उनके सामानों का उचित मूल्य मिलेगा। पत्रकारों के लिए दुर्घटना मृत्यु पर 5 लाख की सहायता की घोषणा पत्रकार साथियों परिवार के लिए बड़ी राहत देगी। थर्ड जेंडर के लिए पुनर्वास व्यवस्थापन की व्यवस्था के लिए बजट प्रावधान कर मुख्यमंत्री ने अपनी संवेदनशीलता को दिखाया है।


यह धोखेबाज बजट है : सीए अमित चिमनानी

भाजपा नेता और सीए अमित चिमनानी ने कहा कि बजट किसी भी सरकार के घोषणा पत्र का आईना होता है परंतु प्रस्तुत बजट में तो किसी घोषणा को नही शामिल किया गया है. 10 लाख बेरोजगारों को भत्ते का इंतज़ार था उनकी राशि 6000 करोड़ रु हो चुकी है, साथ ही 1 लाख से ज्यादा महिला स्व सहायता समूह का कर्जा माफ होने का इंतज़ार रहे है. उन्होंने कहा कि शराबबंदी का वादा करके सरकार उसे एक धंधा बनाती हुई दिख रही है व सेस लगाकर उससे 600 करोड़ रु अतिरिक्त कमाई का लक्ष्य सरकार ने रखा है। संपति कर हॉफ के लिए भी कोई आबंटन नही है सरकार द्वारा बहुत प्रचारित की जाने वाली यूनिवर्सल हेल्थ स्किम जिसमें सभी को 20 लाख का इलाज मिलना था वो गायब दिखी साथ ही पहले हर परिवार को मिलने वाला 50 हज़ार का स्मार्ट कार्ड भी गायब है। खुद को किसान हितेषी बताने वाली सरकार ने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट कहे जाने वाली योजना को महज 175 करोड़ रु दिए हैं, इसके उलट जेम जेवेलरी पार्क जिसकी कोई प्राथमिकता नही उसे 350 करोड़ रु का आबंटित करना चकित करता है।

चिमनानी ने कहा कि राज्य का वित्तीय घाटा वर्ष 19-20 में 5.21% व वर्ष 20-21 का 6.52% होना राज्य के खस्ता वित्तीय हालात का जीता जागता प्रमाण है। सरकार ने पूँजीगत व्यय में भी पहले से लगभग 3 से 4 % कमी करके प्रदेश में रोजगार व निवेश की संभावनाओं को गहरा झटका दिया है। सरकार ने लोगो के स्वास्थ्य के प्रति भी कोई जागरूकता न दिखाते हुए वेक्सीन के लिए 1 रु का भी आबंटन नही किया है जो हैरान करता है कामकाजी महिलाओं के सहयोग के लिए महज 61 करोड़ की राशि ऊँट के मुंह मे जीरा है मान के अगर इस योजना का लाभ 50 लाख महिलाओं को मिले तो उन्हें महज 144रु की मदद मिलेगी जो किसी काम की नही। किसानों के लिए जीरो % पर ऋण हेतु कवक 5900 करोड़ का प्रावधान है जिसमें एक किसान को केवल 18000 रू ही मिलेंगे जिससे उसका कोई फायदा नही होगा।

चिमनानी ने कहा कि बीते दिनों राज्य के खस्ता हालात को छुपाने के लिए सरकार ने कुछ केंद्रीय आंकड़े जारी किए और खुद को बेहतर बताया। केंद्र सरकार ने तमाम चुनौतियों के बाद भी केंद्रीय बजट का आकार लगभग 4 लाख करोड़ रु बढ़ाया है वही राज्य ने बजट के आकार को कम कर दिया हैं। केंद्र सरकार में पूँजीगत व्यय में ऐतहासिक रूप से वृद्धि करते हुए 5.5 लाख करोड़ के पूँजीगत व्यय का प्रावधान केंद्रीय बजट में किया है जो कि कुल बजट का 16% है जबकि राज्य ने कुल 13000 करोड़ का ही पूँजीगत व्यय करना तय किया है जो कुल बजट का मात्र 13%  है इससे छतीसगढ़ में रोजगार व निवेश की संभावनाओं में कमी होगी।

राज्य सरकार को केंद्र से पूरी मदद मिली है सरकार को. वर्ष 20-21 राज्य सरकार की कुल राजस्व प्राप्तियां 68,343 करोड़ है जिसमे जिसमे 37,298 करोड़ केंद्र से प्राप्त हुई राशि है जबकि राज्य की खुद की राजस्व प्राप्तियां 31045 करोड़ है।

कुछ आर्थिक आंकड़े देखिए
वर्ष 19-20 में सरकार ने 12,928 करोड़  का ऋण लिया व 8695 करोड़ रु पटाया।
वही वर्ष 20-21 में 22,068 करोड़ का ऋण लिया इंसमे मात्र 4841 करोड़ रु पटाया। आगामी  वर्ष 21-22 में 18,775 करोड़ रु का ऋण लेना अनुमानित हैं तथा 5376 करोड़ रु पटाना अनुमानित हैं। इस प्रकार सरकार ने इन 3 वर्षों में कर्ज लेने सारी सीमाएं लाँघते हुए लगभग 53,771  करोड़ का ऋण लिया या लेना प्रस्तावित किया है।