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मैट्स के विद्यार्थियों को दिए गए यूपीएससी परीक्षा के टिप्स : आदमी शरीर से नहीं, सोच से होता है विकलांग

 मैट्स के विद्यार्थियों को दिए गए यूपीएससी परीक्षा के टिप्स : आदमी शरीर से नहीं, सोच से होता है विकलांग

रायपुर । आदमी शरीर से नहीं, सोच से विकलांग होता  है और सोच को विकलांग  बना देने से हम कुछ भी प्राप्त  नहीं कर सकते। हर चुनौतियों का सामना करते हुए सकारात्मक सोच के साथ यूपीएससी की परीक्षा पास की जा सकती है। आवश्यकता है व्यवस्थित कार्ययोजना बनाकर अध्ययन करने की।

यह बातें मैट्स यूूनिवर्सिटी के हिन्दी विभाग और चहल एकेडमी दिल्ली के सहयोग से सिविल सेवाओ की तैयारी कैसे करे विषय  पर आयोजित वेबीनार में विशेषज्ञों ने कहीं।

मैट्स यूनिवर्सिटी के हिन्दी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. रेशमा अंसारी ने बताया कि इस वेबीनार का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों को सिविल सर्विसेज जैसी परीक्षाओं में भागीदारी करने और अपने कैरियर का निर्माण करने के प्रति प्रोत्साहित करना था। चहल एकेडमी दिल्ली के निदेशक एवं संस्थापक  सुमेश चहल और नेशनल मोटिवेशनल स्पीकर एंड इनोवेटिव एजुकेटर  सुमीत कुमार ने इस वेबीनार में मैट्स यूनिवर्सिटी के विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों को यूपीएससी परीक्षा की विस्तार से जानकारी देते हुए परीक्षा पास करने के महत्वपूर्ण टिप्स दिये। उन्होंने यूपीएससी प्री, मेन्स और इंटरव्यू की तैयारियों के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी। विद्यार्थियो को क्या पढऩा चाहिए और किसे छोडऩा चाहिए, बीते वर्ष पूछे गये प्रश्न, आवश्यक किताबें, पत्र-पत्रिकाएँ, नोट्स बनाने के तरीके भी बताए गये। विशेषज्ञों ने सिविल सर्विसेज में स्थान बना चुके अनेक युवाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि हमें एक बार में ही असफलता मिलने पर निराश नहीं होना चाहिए बल्कि प्रयास करते रहना चाहिए। हमारे जीवन में अनेक तरह की परेशानियाँ आएंगी और हताश करने वाले लोग भी मिलेंगे लेकिन हमें अपने लक्ष्य की दिशा में सकारात्मक सोच के साथ प्रयास करते रहना चाहिए।

उपकुलपति डॉ. दीपिका ढांढ ने इस तरह के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थी हिन्दी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में यूपीएससी की परीक्षा दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह हमें विद्यार्थियों को समय-समय पर प्रतियोगी परिक्षाओं के लिए प्रोत्साहित करने रहना चाहिए जिससे शिक्षा के साथ उनके कैरियर का भी निर्माण हो सके। वेबीनार में विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों के सवालों के जवाब भी दिए और उनकी शंकाओं का समाधान किया। इस अवसर पर कुलाधिपति  गजराज पगारिया, महानिदेशक  प्रियेश पगारिया, उपकुलपति डॉ. दीपिका ढांढ, कुलसचिव  गोकुलानंदा पंडा ने विद्यार्थियों को दिये गये मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन के प्रति आभार व्यक्त किया एवं वर्तमान समय में इसे विद्यार्थियों में सकारात्मक ऊर्जा के संचार के लिये महत्वपूर्ण बताया। इस सेशन में विश्वविद्यालय के सभी विभागों के विभागाध्यक्ष एवं विभिन्न संकायों के विद्यार्थी ऑनलाइन उपस्थित थे।