breaking news New

पुरुष आयोग के गठन की मांग को लेकर राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को ज्ञापन

पुरुष आयोग के गठन की मांग को लेकर राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को ज्ञापन

भिलाई।  पुरुष से प्रताड़ित महिलाओं के लिए महिला आयोग और कानून हैं, लेकिन  पुरुषों की रक्षा  के लिए कोई आयोग नहीं है। सेव इंडिया फैमिली नाम की एक ऐसी ही संस्था है जो पत्नी से प्रताड़ित पतियों और बहु से प्रताड़ित ससुराल वालों की मदद करता है। उक्त संस्था ने पुरुष आयोग के गठन की मांग की है।  राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा था।

सेव इंडिया फैमिली प्रदेश के दुर्ग के अलावा रायपुर और बिलासपुर में भी सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। इन जिलों से प्रदेश के बाकी जिलों के लोगों की भी मदद की जा रही है। संस्था के बारे में जानकारी देते हुए प्रदेशाध्यक्ष अजय रेड्डी ने कहा कि वर्ष 2006 में इस संस्था का गठन हुआ। तब से दहेज उत्पीड़न, छेड़खानी, दुष्कर्म और अप्राकृतिक यौनाचार की फर्जी मामलों में फंसे पुरुषों और उनके परिवार वालों की मदद की गई है।

छत्तीसगढ़ के अलावा यह संस्था देश भर के अलग-अलग राज्यों में सक्रिय रूप से काम कर रही है।संस्था के अध्यक्ष अजय रेड्डी ने कहा कि जिन कानून को हम महिला संबंधी कानून कहते हैं, वो महिलाओं का नहीं, बल्कि पत्नी और बहूओं का कानून है। 

उन्होंने कहा कि देश में महिला आयोग है, बाल आयोग है, यहां तक के जानवरों के लिए आयोग है, लेकिन पुरुषों के लिए कोई आयोग नहीं है। जबकि वर्तमान समय में कई पुरुष अपनी पत्नी की झूठी शिकायतों के शिकार हो रहे हैं और उनके हितों की रक्षा के लिए कोई कानून नहीं है।

एनसीआरबी के आंकड़ों का हवाला देते हुए अजय रेड्डी ने कहा कि झूठे मामलों में फंसाए जाने के बाद पुरुष और उनके परिवार वाले आत्महत्या जैसा कदम भी उठाते हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में देश भर में 98 हजार विवाहित पुरुषों ने आत्महत्या की है, जबकि विवाहित महिलाओं के आत्महत्या का आंकड़ा महज 26 हजार है।