breaking news New

जुआं की पकड़ धक्कड़ में विश्रामपुर पुलिस की भूमिका संदिग्ध

जुआं की पकड़ धक्कड़ में विश्रामपुर पुलिस की भूमिका संदिग्ध

सुरजपुर। दीपावली में जुए की फड़ जमना आम बात है इस सामाजिक बुराई पर नियंत्रण जरूरी है जुए को लेकर विश्रामपुर पुलिस सजग है सजगता भी इतनी की पचाये न पच रही है।जिला पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि विश्रामपुर पुलिस ने बीते बुधवार, गुरूवार को 12 अलग अलग जगहों की जुए की फड़ पर दबिश देकर जुआ खेल रहे 41 लोगों के विरूद्व जुआ एक्ट के तहत कार्यवाही करते हुए 9740 रूपये जप्त किया है।

थाने का जनसंख्या घनत्व और एसईसीएल जैसी नवरत्न कंपनी का  इलाका विश्रामपुर जो  अवैध   साहूकारों का गढ़ कहा जाता है। जो जुआरियों को जुआ खेलने के लिए पैसे को कमी नही होने देता है। यहाँ 12 फड़ में जुआरियों से दस हजार से भी  कम की रकम जपत होना ही संदेह को जन्म देता है ।

सूबे के बड़े अधिकारीयो का हाजमा भले ही अच्छा हो पर देश के चौथे स्तम्भ मीडिया का नही हाजमा विश्रामपुर मामले में उतना अच्छा नही है।

गणित और आंकड़ों की ही बात की जाए तो दो दिनों में  जुए की 12 फड़ पकड़ी गई। जिसमे 41 लोगो पर कार्यवाही हुई मतलब की  12 जगहों पर विश्रामपुर थाने को लगभग 811 रुपये औसत की रकम जुए में जप्त हुई है। थाना क्षेत्र के 41 लोग औसत अपने घरों से 237 रुपये लेकर दीपावली में जुआ खेलने निकले होंगे ?

विश्रामपुर थाने के लिए पुलिस PRO ने जो पुलिस प्रेस नोट पर जुए को लेकर जो थ्योरी लिखी है वह विश्रामपुर थानेदार से एकता कपूर के टीवी सीरियल ये रिश्ता क्या कहलाता है के शीर्षक की याद दिलाता है। और इसमे दो मत नही की संवेदनशील जिला पुलिस अधीक्षक विश्रामपुर में हुए जुए की फड़ में पकड़े गए लोगो और इमसें जप्त रकम को लेकर 

सन्तुष्ट नही होंगी। मामला संभाग के तेज तर्रार अधिकारी के संज्ञान में भी आ गया है अब देखना है जोर का झटका धीरे से किसे कब किसे और कैसे लगता है।