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आखिरी दिन खिली सेहतभरी मुस्कान, 154 आंगनवाड़ी केंद्रों में मनाया गया वजन त्यौहार

आखिरी दिन खिली सेहतभरी मुस्कान, 154 आंगनवाड़ी केंद्रों में मनाया गया वजन त्यौहार

 राजनांदगांव। वजन त्यौहार में वजन कराने के लिए लाए गए बच्चे की खिलती मुस्कान ने सुपोषण अभियान की सार्थकता पर चार चांद लगा दिए। बच्चे की स्वस्थ मुस्कान से प्रभावित लोगों ने कहा, सुपोषण का असली उदाहरण यही है। इससे हर किसी को सीख लेनी चाहिए।
महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत राजनांदगांव (शहरी) परियोजना के सभी 154 आंगनवाड़ी केंद्रों में 7 से 19 जुलाई तक वजन त्यौहार उत्साह के साथ मनाया गया। इसके समापन कार्यक्रम का आयोजन आंगनबाड़ी केंद्र नंदई में किया गया। इस अवसर पर शून्य से 5 वर्ष तक के बच्चों का वजन लिया गया, पौष्टिक खाद्य सामग्रियों की प्रदर्शनी लगाई गई एवं पालकों को कुपोषण के दुष्परिणाम तथा सुपोषण के लाभ की जानकारी दी गई। साथ ही 11 से 19 वर्ष उम्र तक की किशोरियों की एनीमिया जांच की गई। वहीं स्वस्थ सुपोषित बच्चे, उनकी माता एवं स्वस्थ बालिका को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। वजन त्यौहार में वजन कराने हेतु लाए गए रुद्र बत्रा नाम के बच्चे की स्वस्थ सेहत ने लोगों को काफी प्रभावित किया। वजन त्यौहार में पहुंचे लोगों ने कहा, रुद्र वास्तव में सुपोषण अभियान का सार्थक उदाहरण है। नंदई में आयोजित वजन त्यौहार का महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक दिव्या मिश्रा, संयुक्त संचालक आरजे कुशवाहा, जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मुकेश रावटे, पार्षद, अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों ने निरीक्षण भी किया। वहीं जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने पौष्टिक आहार प्रदर्शनी एवं पोषण रंगोली का अवलोकन कर स्वस्थ सुपोषित बच्चे, उनकी माता एवं स्वस्थ बालिका को पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया।
इस संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने बताया, जिले में परियोजना अधिकारी व पर्यवेक्षकों द्वारा पोस्टर बनाकर तथा सोशल मीडिया के माध्यम से सुपोषण के प्रति लोगों को जागरूक करने का हरसंभव प्रयास किया गया है। वजन त्यौहार भी इन्हीं प्रयासों की एक अहम कड़ी है। उन्होंने कहा, अभिभावकों एवं किशोरी बालिकाओं को स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूक रखने तथा कुपोषण व एनीमिया को दूर करने के लिए सभी सदस्यों की भागीदारी आवश्यक है।
समापन कार्यक्रम में परियोजना अधिकारी सुश्री रीना ठाकुर, पर्यवेक्षक श्रीमती हुलास सिन्हा, आशा मेश्राम, सुश्री सुनीता सोनपिपरे एवं सुश्री दिव्या तिवारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लक्ष्मी साहू एवं अन्य कार्यकर्ता सहायिका एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

वरदान है सुपोषण अभियान : वर्षा
आंगनबाड़ी केंद्र नंदई में बच्चे का वजन कराने पहुंची वर्षा बत्रा ने कहा, सुपोषण अभियान कुपोषित बच्चों और महिलाओं के जीवन में वरदान साबित हो रहा है। आंगनबाड़ी केंद्र में सूखा राशन और अतिरिक्त पौष्टिक आहार के साथ-साथ निःशुल्क स्वास्थ्य और परामर्श सेवाएं मिलने से कुपोषित बच्चों व एनीमिक महिलाओं को कई प्रकार की स्वास्थ्यगत परेशानियों से भी निजात मिल रही है। यह स्वास्थ्य व सुपोषण के लिए एक बेहतर प्रयास है।

सुपोषण अभियान से 11 किलोग्राम बढ़ा वजन
लाभार्थी त्रिवेणी साहू (बदला हुआ नाम) ने बताया, करीब सालभर पहले मैं एनीमिया से पीड़ित थीं। मेरा हिमोग्लोबिन स्तर 7 ग्राम और वजन 35 किलोग्राम था। मैं पूरी तरह कमजोर हो गई थी, लेकिन आंगनबाड़ी केन्द्र में नियमित रूप से पौष्टिक आहार तथा स्वास्थ्य जांच सहित उपचार मिलने से अब मैं एनीमिया से मुक्त हो गई हूं। मेरा हिमोग्लोबिन स्तर अब 12 ग्राम हो गया है, साथ ही वजन भी 46 किलोग्राम हो गया है।