breaking news New

विधानसभा की रोचक टिप्पणियां सुनिए : पेंशनजीवी मंत्री..पति का बदला..पुरंदेश्वरी का हंटर..धोबी का कुत्ता..जोगी की सीख और बगैर मां का बच्चा. पत्रकार अनिल द्विवेदी सुना रहे हैं आंखों देखा हाल

विधानसभा की रोचक टिप्पणियां सुनिए : पेंशनजीवी मंत्री..पति का बदला..पुरंदेश्वरी का हंटर..धोबी का कुत्ता..जोगी की सीख और बगैर मां का बच्चा. पत्रकार अनिल द्विवेदी सुना रहे हैं आंखों देखा हाल

अनिल द्विवेदी

रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र का तीसरा दिन पक्ष और विपक्ष की मिलीजुली प्रतिक्रियाओं से लबरेज रहा. आइए जानते हैं कि विधानसभा के अंदर क्या-क्या​ विशेष झलकियां रहीं :

सदन में कल 2485.59 करोड़ का अनुपूरक बजट पारित हो गया. इस अवसर पर पक्ष-विपक्ष के विधायकों ने चर्चा में हिस्सा लेते हुए अपनी बात रखी. हंसी ठिठौली, वाद-विवाद और कटाक्ष का दौर भी चला. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जब इस पर समापन भाषण दिया तो कई तरह की ​रोचक टिप्पणियां सुनी गईं. कटीली मुस्कान के साथ सीएम ने विपक्ष को कई बार धराशायी किया.

हम तो आपके हैं!

विधायक धर्मजीत सिंह की ओर मुखातिब होते हुए बघेलजी ने कहा कि आप विधायक जोगी कांग्रेस के हो लेकिन अपने भाषण में एक दर्जन बार राहुल गांधी का नाम लिया. मतलब पुरानी पार्टी को भूले नही आप. तो धर्मजीत ने पलटकर जवाब दिया : मैंने 24 बार अदानी का भी नाम लिया! इस पर सीएम ने हंसते हुए कहा कि हम तो आपके हैं दिल और दिमाग से. पर चुनाव आयोग का नही मालूम! इस टिप्पणी पर लोगों ने कई विश्लेषण किए.

हम साथ साथ हैं
विधायक बृहस्पति सिंह और मंत्री टी एस सिंहदेव के विवाद का पटाक्षेप होने के बाद सिंहदेव और मुख्यमंत्री बघेल सदन में साथ ही रहे. सदन में जब विपक्ष ने चंद्राकर हास्पिटल पर सीएम को घेरा को सिंहदेव उठकर सीएम के पास गए और उन्हें कुछ समझाया. इसके पहले सीएम और सिंहदेव एक साथ विधानसभा अध्यक्ष के कमरे में पहुंचे और साथ खाना खाने का आग्रह किया. महंत भी तुरंत तैयार हो गए. दोनों वरिष्ठ नेताओं की इस जुगलबंदी से कांग्रेसियों ने राहत की सांस ली.

धोबी का कुत्ता : ना घर का ना घाट का
तभी विधायक डॉ.रेणु जोगी खड़ी हो गईं. उन्होंने अपने दल की स्थिति स्पष्ट करना चाही. दरअसल बलौदाबाजार के विधायक शर्मा ने टिप्पणी कर दी कि हम न तो इधर के हैं और ना ही उधर के. अध्यक्ष जी बोलने का समय बढ़ा दीजिए. बच्चे घर में पूछते हैं कि विधानसभा में का करथव आपमन! इस पर ठहाके लग गए. अध्यक्ष महंतजी ने कहा कि विधायक डॉ.बांधी का समय आपके लिए. इसके बाद डॉ.रेणु जोगी ने शर्मा की टिप्पणी पर कड़ी प्रति​िक्रया दे दी. उन्होंन कहा कि धोबी का कुत्ता, न घर का ना घाट का. जैसे कि विधायक सौरभ सिंह. इस पर सदन हंस पड़ा. एक विधायक ने टिप्पणी की कि सब आपसे यानि कि जोगीजी से सीखा है. विधानसभा अध्यक्ष डॉ.महंत ने भी चुटकियां लीं. कहा 'सब आपके उनकी गलती थी. यह इशारा स्व.जोगी की तरफ था.

निशाने पर रमनसिंह
सीएम भूपेश बघेल ने डॉ.रमनसिंह को कहा : आप 15 साल सरकार में रहे लेकिन गलत आंकड़े देकर गुमराह करने की आदत नही गई आपकी. आपकी सरकार ने 16 हजार करोड़ का ऋण छोड़ा था, अभी बता रहे हैं 4000 करोड़. मुख्यमंत्री बघेल ने यह भी कहा कि हम किसानों के लिए कर्ज लेते हैं और आप उद्योगपतियों का माफ करते हैं. हम किसान को 10 रूपये किलो में दे रहे वर्मी कमपोस्ट जबकि आपने इसे 16 रूपये किलो में खरीदा था. छत्तीसगढ़ मॉडल की चर्चा पूरे देश में है. जब मुख्यमंत्री ने यह कहा कि हम किसानों को 6000 रूपये प्रतिमाह देंगे तो अजय चंद्राकर ने खड़े होकर कहा कि रवीन्द्र चौबे 6700 रूपये कह रहे थे. आप सही हैं या आपके मंत्री. फोटो आपको लगा, पैसा हम पटा रहे.

पुरंदेश्वरी का हंटर
मुख्यमंत्री ने ​भाजपा विधायक अजय चंद्राकर पर जमकर चुटकियां लीं. कहा कि आपकी लाइन.लेंथ अब ठीक है. यह पुरंदेश्वरी के हंटर मारने का कमाल है. रमनसिंह के नेतृत्व में चुनाव नही लडेंगे, यह पुंरदेश्वरी ने कहा मगर आप लोग इसका विरोध तक नही कर सके. आपके प्रधानमंत्री हमसे बात कर लेते हैं पर आपको तो पूछते भी नही. मुख्यमंत्री ने चुटकी ली कि हमने नरेंद्र मोदी की फोटो एक योजना से जैसे ही हटाई, केन्द्र सरकार ने पैसा रिलीज कर दिया. मोदी जी हमारी सुनते हैं लेकिन आपकी यानि भाजपा विधायकों की नही. इस पर विपक्ष से जवाब आया : सक्ती म तीन-तीन मुख्यमंत्री के फोटो लगे थे. सबने देखा. सीएम ने डॉ बांधी, शिवरतन शर्मा, अजय चंद्राकर के भाषण की तारीफ भी की. हालांकि विधायक शिवरतन शर्मा ने कहा कि ये जो आप नारा लगाते हैं छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया. तो नारा छत्तीसगढ़ के लिए पर संसाधन दूसरों के लिए हैं.

पेंशनजीवी मंत्री, वेतनजीवी विधायक
विधायक अजय चंद्राकर ने एक जगह टिप्पणी ​की कि हाथी से मौत वाले मामले में वन मंत्री अकबर ने गलत जानकारी दी है! चंद्राकर की एक बात पर उद्योग मंत्री कवासी लखमा बिफर गए. दरअसल चंद्राकर ने उन्हें पेंशनजीवी मंत्री कह दिया. इस पर कवासी रौद्र रूप में आ गए जिसे देखकर पक्ष-विपक्ष को सांप सूंघ गया. कवासी बोले कि क्या अब यह मंत्री को गाली देगा. कवासी ने भी चंद्राकर को वेतनजीवी विधायक कह दिया. सीएम ने हाथ से इशारा करके लखमा को चुप करा दिया और मामला शांत हुआ.  

पति का बदला
कांग्रेसी विधायक संगीता सिन्हा ने छत्तीसगढ़ी में अपनी बात रखने का आग्रह आसंदी से किया. उन्होंने अजय चंद्राकर पर चुटकी ली कि मैंने सोचा था कि ये बोलेंगे पर छत्तीसगढ़ी नही बोले. सिन्हा ने भाजपा के किसी पूर्व मंत्री की ओर मुखातिब होते हुए कहा कि जब ये सत्ता में थे तो इतना गुरूर था कि मेरे संसदीय क्षेत्र में आते थे तो मेरे पति जोकि पूर्व विधायक थे, से बात नही करते थे, उनकी सुनते नही थे इसलिए मैं विधायक बनकर आई हूं अपनी बात रखने के लिए. इस पर धर्मजीत सिंह और डॉ.महंत ने मजेदार चुटकियां लीं.

मां नही है तो बच्चा कैसे हो गया
विधायक सौरभ सिंह ने आज सत्ता पक्ष को मुश्किल में डाल दिया. एक बड़ी चूक उजागर करते उन्होंने कहा कि चंदूलाल चंद्राकार मेमोरियल हॉस्पिटल को अनुपूरक बजट में कैसे पेश कर लिया गया जबकि यह निजी संपत्ति है. इस पर चर्चा कैसे हो सकती है. वन मंत्री अकबर ने कहा कि केबिनेट ने पास किया है लेकिन विपक्ष नही माना. विधायक बृजमोहन अग्रवाल बोले, 'जब मां नही है तो बच्चा कैसे हो गया' विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनो ने आपसे सहमति से इस मुद्दे को शांत किया. बहरहाल सौरभ सिंह की इस जागरूकता की तारीफ सदन में खूब हुई।