पंचायत की लापरवाही से दम्पति के शादी के 10 वर्ष बाद भी नहीं बना राशन कार्ड, दो वक्त की रोटी नसीब नहीं

पंचायत की लापरवाही से दम्पति के शादी के 10 वर्ष बाद भी नहीं बना राशन कार्ड, दो वक्त की रोटी नसीब नहीं

चंद्र प्रकाश साहू 

सूरजपुर/प्रेमनगर, 16 अप्रैल। लॉक डाउन होने के कारण जन जीवन को काफी प्रभावित किया है। बाजार बंद है, रोजगार के माध्यम बन्द है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों दो वक्त की रोटी तक उपलब्ध होना मुश्किल हो गया है। 

सरकार ने ग्राम पंचायतों को कोरोना से जंग लड़ने के लिए ग्राम के सरपंच व सचिव को ग्राम के सभी बैगर राशन कार्ड से जीवन यापन करने वाले लोगो को 10 किलो निःशुल्क राशन उपलब्ध कराने को लेकर आदेश जारी किया था। जो प्रेमनगर जनपद के ग्राम बकिरमा में लागू होते नही दिख रहा है। हमारी टीम सूरजपुर जिले के जनपद प्रेमनगर के अन्तर्गत ग्राम बकिरमा का दौरा किया यहां हमारे बीच गाँव के पिवरी महुआ मोहल्ला निवासी हेमचरण आत्मज ठहर दास मानिकपुरी ये बताते है कि इनके शादी के 10 वर्ष होने के बाद भी इनका अब तक राशन कार्ड नही बना हैं। हेमचरण के एक पुत्र है। जो करीब 6-7 वर्ष होगा। आगे बताते है कि रोजगार गारंटी से जॉब कार्ड पंचायत ने बना हुआ है। जिंसमे मजदूरी करके जीवन यापन करके गुजारा करते थे। किंतु अब सरकार ने लॉक डाउन कर देने आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 

आगे बताते है कि राशन कार्ड के लिए सरपंच से कुछ कहने पर सरपंच बेबी सिंह के पति जीयन सिंह कहते है कि सिस्टम में नहीं होने के कारण राशन कार्ड नही बन पाने की बात कहते हैं। आगे बताते है कि घरों में जाकर मजदूरी कर रहे है। ताकि राशन खरीद सके, आगे बताते है कि सरकार ने सभी ग्रामो में 10 किलो राशन और कुछ दाल देने की बातें कही थी। जो ग्राम बकरिमा लागू नही हुआ है। आगे बताते है कि पंचायत द्वारा कोरोना को लेकर किसी तरह से कोई जागरूक नहीं किया गया है। तो वही मास्क तक का वितरण नही किया गया है। सचिव का नाम पूछने पर ग्राम के सचिव का नाम तक ग्रामीण नही बता पा रहे है। 

बतादें ग्राम पंचायत के सरपंच बेबी सिंह जो पूर्व पंच वर्षीय सरपंच रही है। इस वर्ष भी सरपंच निर्वाचित हुई है। पिछले पांच वर्ष सरपंच होने के बाद भी आज तक चुनाव के अलावा ग्राम का दौरा कभी किया ही नही है। ग्राम का संचालन उनके पति जीयन सिंह करते है। जो राशन वितरण का कार्य भी करते है। वहीं ग्राम के सचिव कृष्णा सिंह जिनको ग्राम विंध्यांचल, बलदेवनगर सहित ग्राम पंचायत बकिरमा का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। सचिव द्वारा 3 पंचायत का जिम्मेदारी दिए जाने पर ग्रामों की देख रेख हो ही नहीं पाती है।